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बिलासपुर मस्तूरी न्यूज़ : भारतीय ज्ञान परंपरा की वैश्विक गूंज, सांदीपनी एकेडमी मस्तूरी में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

Abhyuday Bharat News / Sun, Jan 18, 2026 / Post views : 343

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मस्तूरी (बिलासपुर) : जिले के पेंड्री मस्तूरी स्थित सांदीपनी एकेडमी परिसर में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026 सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह सम्मेलन सांदीपनी एकेडमी एवं शासकीय पातालेश्वर महाविद्यालय, मस्तूरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। सम्मेलन के प्रथम दिवस का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना एवं छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत से हुआ। मुख्य अतिथि प्रो. वी. के. सारस्वत (कुलपति, पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय) रहे। की-नोट स्पीकर प्रो. रमेश प्रसाद पाठक (दिल्ली सेंट्रल यूनिवर्सिटी) तथा डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता (सेंट्रल यूनिवर्सिटी हरियाणा) ने भारतीय ज्ञान परंपरा एवं विकसित भारत की संकल्पना पर सारगर्भित व्याख्यान दिए।

भारतीय ज्ञान परंपरा अतीत से भविष्य तक विकास की सशक्त धुरी: प्रो. रमेश प्रसाद

अतिथि वक्ता के रूप में दिल्ली सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पधारे प्रो. रमेश प्रसाद पाठक और ने “भारतीय ज्ञान परंपरा एवं विकसित भारत की संकल्पना” विषय पर अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की सशक्त आधारशिला है। उन्होंने बताया कि भारतीय दर्शन, योग, आयुर्वेद और जीवन मूल्यों ने वैश्विक मंच पर भारत की विशिष्ट पहचान स्थापित की है। विकसित भारत की संकल्पना सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों से जुड़ी हुई है। आज विश्व भारतीय चिंतन को आशा की दृष्टि से देख रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भों से जोड़कर आगे बढ़े और व्यापक रूप से कार्य करे। तकनीकी सत्रों में ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से बड़ी संख्या में शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। सम्मेलन के द्वितीय दिवस में विभिन्न विषयों पर तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश के शोधार्थियों ने सहभागिता करते हुए अपने शोध निष्कर्ष प्रस्तुत किए। समापन सत्र में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए डॉ. अनिर्बन चौधरी (कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग) ने सम्मेलन के निष्कर्षों को रेखांकित किया। धन्यवाद ज्ञापन आईक्यूएसी समन्वयक श्री रामखिलावन साहू द्वारा किया गया। इस अवसर पर सम्मेलन के संरक्षक व डायरेक्टर श्री महेंद्र चौबे, प्रशासनिक अधिकारी श्री विनीत चौबे, कन्वेनर डॉ. रीता सिंह, डॉ. दुर्गा बाजपेई सहित प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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