Sat, 12 Sep 2026
Logo

ब्रेकिंग

निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पर मंथन

प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना किया साकार : केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिं

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश

हरतालिका तीज 2026 कब है? जानें व्रत की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव होगा मानसून, बिलासपुर में समेत कई जिलों में 9 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

पीएससी में आज अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त, नये नाम पर चर्चा

तीज के रंग में रंगा रायपुर प्रेस क्लब, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रैंप वॉक कर बढ़ाया महिला पत्रकारों का उत्साह

पत्रकारिता पर आपातकाल जैसा प्रहार! शाहीन खान और नफीस खान के मामले में परिषद ने जताया विरोध

बिलासपुर में मनाया गया तर्कवादी पत्रकार गौरी लंकेश का स्मृति शहादत दिवस

संकुल स्तरीय विदाई एवं शिक्षक सम्मान समारोह में 31 शिक्षकों का सम्मान

सूचना

छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव होगा मानसून, बिलासपुर में समेत कई जिलों में 9 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

CG हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पंचायत चुनाव में नहीं चलेगा आधार कार्ड-वोटर आईडी, 21 साल से कम उम्र में बनीं सरपंच; इलेक्शन कैंसिल

छत्तीसगढ़ में प्राइवेट स्कूलों के बदले नियम... अब NOC की जरूरत खत्म, 'नेशनल', 'इंटरनेशनल' लिखना हुआ बैन

: छत्तीसगढ़ में मवेशियों में अब एक नई बीमारी लंपी का प्रकोप तेजी से फ़ैल रहा है। सांसद विजय बघेल ने जांच व उपचार के सख्त निर्देश दिए है।

Admin / Tue, Oct 29, 2024 / Post views : 374

Share:
ABN EXPRESS NEWS 24x7  वेंकटेश्वर टॉकिज के करीब मवेशियों के शरीर पर लंपी डिजीज नजर आया। इसकी शिकायत विजय साहू समाजसेवी ने सांसद विजय बघेल से की। इसके बाद मौके पर जांच करने के लिए चिकित्सक पहुंचे हैं। 2022 के दौरान लंपी से राजस्थान में सबसे अधिक मवेशियों की मौत हुई थी। तब राजस्थान में लाखों मवेशियों लंपी से प्रभावित हुए थे।
लंपी बीमारी के लिए टीके उपलब्ध हैं। संक्रमित नहीं हैं, ऐसे मवेशियों को भी टीकाकरण कर सुरक्षित किया जा सकता है। अगर बीमारी बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होती है, तो एंटीबायोटिक्स दिए जा सकते हैं। असहजता को कम करने के लिए दर्द निवारक दवाएं दी जा सकती हैं। मवेशी को आराम और देखभाल देना जरूरी है।

दूध के उत्पादन पर डाल सकता है नकारात्मक प्रभाव

लंपी स्किन वायरस रोग मवेशियों में होने वाला एक संक्रामक रोग है, जो उनकी त्वचा पर गांठें और फफोले पैदा करता है। यह रोग मवेशियों की सेहत और दूध उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

क्या है लंपी रोग

लंपी बीमारी या लंपी स्किन डिजीज एक वायरल संक्रमण है, जो मवेशियों में होता है। यह बीमारी मवेशियों की त्वचा पर गांठें या लंप्स का कारण बनती है, जो दर्दनाक और असहज हो सकती हैं। इसकी शिकायत मिलते ही चिकित्सक को शिकायत कर मवेशी का उपचार करना चाहिए, वर्ना यह फैलने लगता है।

क्यों होती है बीमारी

लंपी बीमारी एक वायरस से फैलती है, जो मवेशियों के बीच संपर्क से फैलता है। मकड़ियों और मच्छरों से फैलाव होता है। यह कीट वायरस को एक मवेशी से दूसरे मवेशी में पहुंचा सकते हैं। सं₹मित मवेशी के संपर्क में को मवेशी आता है, तो वह भी सं₹मित हो सकता है। इस वजह से संक्रमित मवेशी को दूसरे मवेशियों से अलग रखकर इलाज किया जाता है।

लंपी बीमारी के लक्षण

मवेशियों के त्वचा पर गांठें या लंप्स आना मवेशियों में दर्द और असहजता मवेशियों को बुखार आना मवेशियों में कमजोरी और थकान मवेशियों का चारा खाना कम कर देना

बीमारी की रोकथाम

टीकाकरण, संक्रमित मवेशियों को अलग रखनामकड़ियों और मच्छरों को नियंत्रित करना वेटरनरी चिकित्सक डॉ. सुधीर प्रताप सिंह ने कहा भिलाई के कुछ मवेशियों में लंपी रोग को लेकर शिकायत मिली है। टीम को भेजा गया है। जांच के बाद साफ होगा। इस वर्ष में यह पहली शिकायत है।

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts