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ABN NEWS :- देश दुनिया : फ्रांस में G7 और ट्रंप से मुलाकात की चर्चा, AI और युद्ध के बीच पीएम मोदी का बड़ा यूरोप मिशन

Abhyuday Bharat News / Thu, May 28, 2026 / Post views : 135

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने फ्रांस में होने वाले G7 समिट और स्लोवाकिया के ऐतिहासिक दौरे पर जाएंगे, जहां AI, ट्रेड, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक संघर्षों जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। यह यात्रा भारत-यूरोप रिश्तों, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने यूरोप के बड़े कूटनीतिक दौरे पर जाने वाले हैं, जहां उनकी मौजूदगी वैश्विक राजनीति और भारत-यूरोप रिश्तों को नई दिशा दे सकती है। पीएम मोदी फ्रांस में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जबकि इसके बाद वह स्लोवाकिया का ऐतिहासिक दौरा भी करेंगे। ऐसे समय में यह यात्रा हो रही है जब भारत यूरोप के साथ व्यापार, तकनीक, रक्षा और सप्लाई चेन साझेदारी को तेजी से मजबूत करने में जुटा है।

AI, युद्ध और ट्रेड टेंशन पर होगी चर्चा

फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियन-ले-बैंस में 15 से 17 जून तक आयोजित होने वाले 52वें G7 समिट मेंफ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोंने पीएम मोदी को विशेष आमंत्रित नेता के तौर पर बुलाया है। 2019 से लगातार भारत को G7 आउटरीच बैठकों में बुलाया जा रहा है और इसकी शुरुआत भी फ्रांस ने ही की थी। समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन, ट्रेड टेंशन, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा और यूक्रेन-पश्चिम एशिया संघर्ष जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।


ट्रंप से मुलाकात पर सबकी नजर

इस सम्मेलन मेंअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपभी शामिल होंगे। हालांकि दोनों नेताओं के बीच किसी औपचारिक द्विपक्षीय बैठक की पुष्टि नहीं हुई है। फरवरी 2025 के बाद से पीएम मोदी और ट्रंप के बीच आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई है, जबकि दोनों नेताओं के बीच कई बार फोन पर बातचीत हो चुकी है। हाल के महीनों में भारत-अमेरिका रिश्तों में कुछ ठंडापन भी देखने को मिला, खासकर तब जब ट्रंप ने भारत-पाक तनाव में मध्यस्थता का दावा किया और भारत पर टैरिफ लगाए थे।

स्लोवाकिया दौरा बनेगा ऐतिहासिक

G7 समिट के बाद पीएम मोदी स्लोवाकिया का दौरा करेंगे, जो दोनों देशों के रिश्तों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। 1993 में संबंध स्थापित होने के बाद यह किसीभारतीय प्रधानमंत्री की पहली स्लोवाकिया यात्राहोगी। फरवरी में स्लोवाक राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी भारत आए थे और इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान पीएम मोदी से मुलाकात की थी। दोनों देशों के बीच ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, परमाणु ऊर्जा, स्पेस टेक्नोलॉजी और AI सेक्टर में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है।

‘यूरोप का डेट्रॉइट’ क्यों है खास?

स्लोवाकिया को 'यूरोप का डेट्रॉइट' कहा जाता है क्योंकि यहां दुनिया में सबसे ज्यादा प्रति व्यक्ति कार उत्पादन होता है। वोक्सवैगन, किया, स्टेलेंटिस और जगुआर लैंड रोवर जैसी कंपनियां यहां बड़े स्तर पर उत्पादन करती हैं। खास बात यह है कि टाटा मोटर्स की जगुआर लैंड रोवर ने स्लोवाकिया के नित्रा शहर में 1.4 बिलियन यूरो की अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की है, जहां से डिफेंडर और डिस्कवरी मॉडल वैश्विक बाजारों के लिए तैयार किए जाते हैं।

यूरोप के साथ नई रणनीतिक साझेदारी

पीएम मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत लगातार यूरोप के साथ रणनीतिक रिश्ते मजबूत कर रहा है। हाल के महीनों में नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के साथ बढ़ते संपर्क के बाद अब भारत-यूरोप फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और वैकल्पिक सप्लाई चेन नेटवर्क को लेकर भी तेजी आई है। माना जा रहा है कि यह दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति में यूरोप को नई प्राथमिकता देने का बड़ा संकेत साबित हो सकता है।

Tags :

मोदी

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