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ABN NEWS :- देश दुनिया : भारत-चीन सीमा विवाद पर पुतिन का बड़ा बयान, बोले- बाहरी दखल उचित नहीं, PAKISTAN को लेकर भी कही बड़ी बात

Abhyuday Bharat News / Fri, Jun 5, 2026 / Post views : 127

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ अपने रिश्तों पर बड़े बयान जारी किए हैं। पुतिन ने भारत के लोकतंत्र, भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की आदत की जमकर तारीफ की है। पुतिन ने ये भी कहा है कि भारत के साथ रूस का व्यापार जल्द ही 100 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। पुतिन ने अपने संबोधन में अमेरिका पर भी निशाना साधा है।

पुतिन ने अपने संबोधन में अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका, रूस के साथ सहयोग सहित कई मुद्दों पर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारत ऐसे प्रयासों का प्रतिरोध करेगा। पुतिन ने आगे कहा कि भारत के किसी भी अन्य देश के साथ द्विपक्षीय संबंधों को रूस किसी नकारात्मक परिणाम के तौर पर नहीं देखता है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आगे ये भी कहा कि भारत एक महान राष्ट्र और लोकतंत्र है; यह अपने राष्ट्रीय हितों का ध्यान रखता है।

भारत-चीन सीमा विवाद पर बोले- बाहरी दखल उचित नहीं

रूसी राष्ट्रपति ने भारत और चीन के संबंधों को “संवेदनशील और बहुआयामी” बताया। उन्होंने कहा कि रूस का इन मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई इरादा नहीं है।  उनके मुताबिक, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दोनों ही लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद समेत आपसी मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के पक्षधर हैं।

पुतिन ने कहा, “भारत और चीन के बीच संबंध बेहद नाजुक और बहुआयामी हैं. इनमें हस्तक्षेप करना अच्छा विचार नहीं है। हम भारत और चीन दोनों के साथ दोस्ताना संबंध रखते हैं। राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री मोदी सीमा से जुड़े मुद्दों सहित सभी महत्वपूर्ण विषयों पर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

राष्ट्रपति पुतिन ने यह भी जोर देकर कहा कि रूस के भारत और चीन दोनों के साथ मजबूत रिश्ते हैं और इनमें कोई टकराव नहीं है। पुतिन के मुताबिक, रूस-भारत संबंध चीन को परेशान नहीं करते और रूस-चीन संबंध भारत के लिए भी समस्या नहीं हैं।

पाकिस्तान को लेकर क्या बोले पुतिन ?

इसके अलावा दशकों पुराने पाकिस्तान और चीन के रिश्तों को लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान को पूरी तरह चीन के नियंत्रण में बताना सही नहीं होगा। साथ ही उन्होंने भारत-चीन सीमा विवाद पर किसी भी बाहरी दखल को उचित नहीं बताया और कहा कि दोनों देशों के नेता बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।

दक्षिण एशिया की जटिल भू-राजनीति और चीन-पाकिस्तान संबंधों पर पूछे गए सवाल के जवाब में पुतिन ने कहा कि रूस क्षेत्र की सभी संवेदनशीलताओं और चुनौतियों से अच्छी तरह वाकिफ है। हालांकि, उनका मानना है कि पाकिस्तान को सिर्फ चीन के प्रभाव के दायरे में रखकर देखना वास्तविक स्थिति को पूरी तरह नहीं दर्शाता।

पुतिन ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान ऐसा देश है जो पूरी तरह चीन के नियंत्रण में है। पाकिस्तान एक बड़ा देश है और उसके कई देशों के साथ बहुआयामी संबंध हैं। निश्चित रूप से उसे चीन के साथ अपने सहयोग को ध्यान में रखना पड़ता है, लेकिन आज लगभग सभी देश चीन के साथ अपने रिश्ते विकसित कर रहे हैं।

सितंबर में भारत आएंगे पुतिन

आपको बता दें कि व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 12 और 13 सितंबर को भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। भारत इस साल ब्रिक्स के वार्षिक शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। ब्रिक्स में पहले ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। साल 2024 में ब्रिक्स का विस्तार हुआ जिसके बाद इस समूह में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और UAE को शामिल किया गया था। इसके बाद साल 2025 में इंडोनेशिया ब्रिक्स में शामिल हुआ था। पुतिन ने इससे पहले दिसंबर 2025 में भारत का दौरा किया था।

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