Tue, 15 Sep 2026
Logo

ब्रेकिंग

अंबिकापुर के सड़क की वायरल वीडियो का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान: कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा

सामाजिक सरोकारों से मानद डॉक्टरेट तक का सफर : डॉ. मनीष कुमार साहू को मिला सम्मान

सतनाम पंथी महोत्सव में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सामने के 400 कलाकार दल हुए शामिल

राम सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी की मांग, एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो SP कार्यालय घेराव की चेतावनी

काशी विद्वत परिषद की महत्वपूर्ण बैठकआज रविवार को मारो में: अनिल बघेल ABN

निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पर मंथन

प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना किया साकार : केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिं

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश

हरतालिका तीज 2026 कब है? जानें व्रत की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव होगा मानसून, बिलासपुर में समेत कई जिलों में 9 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

सूचना

मौसम: छत्तीसगढ़ में 14 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी से मौसम सुहाना हो गया है, वहीं कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है

बीजापुर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है, जहां नक्सलियों का डंप बरामद कर भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त किए गए हैं।

स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है जिसके तहत अब प्रिंसिपलों को भी रोजाना दो पीरियड लेने होंगे

: रायपुर : लखपति दीदी पहल: विश्रामपुरी की बिहान से कोंडागांव के विश्रामपुरी की इश्वरी बनी लखपति दीदी

Admin / Tue, Jan 7, 2025 / Post views : 316

Share:

ABN EXPRESS NEWS 24x7

विश्रामपुरी की ईश्वरी ने बिहान से जुड़ कर बदली अपनी तक़दीर विश्रामपुरी की ईश्वरी ने बिहान से जुड़ कर बदली अपनी तक़दीर

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर शुरू की गई लखपति दीदी पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का एक उल्लेखनीय माध्यम बन रही है। यह पहल राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनकी वार्षिक आय को एक लाख रुपये से अधिक तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इस पहल ने देशभर में हजारों महिलाओं की जिंदगी बदली है उन्ही में से एक हैं कोंडागांव जिले के विश्रामपुरी की इश्वरी मरकाम।

समूह से जुड़कर सफर की शुरुआत

    कोण्डागांव जिले के विश्रामपुरी की इश्वरी मरकाम आज बिहान से जुड़कर अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए एक मिसाल बनी है। इश्वरी 2017 में समूह से जुड़ी हैं और आजीविका के छोटे-छोटे गतिविधियां कर आज अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ की है। इश्वरी अपने पति और दो बच्चों के साथ छोटा परिवार में रहती हैं। उनके पति कृषि कार्य करते हैं, लेकिन परिवार की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई के खर्च पूरे करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस कठिन परिस्थिति से उबरने के लिए इश्वरी ने महिला स्व-सहायता समूह का सहारा लिया और अपने जीवन को बदलने की ठानी। इश्वरी उन दिनों को याद करते हुए बताई की उस समय बड़ी मुश्किल से हमारा घर चलता था। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए हम महीनों से पैसे इक्कठे करते थे तब जाकर हमारी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा कर पाते थे। इश्वरी ने बताया की बिहान से जुड़ने के बाद मेरे अन्दर एक आत्मविश्वास जगा है, आज मैं अपनी बात सबके बीच रख पाती हूँ।

    समूह से जुड़ने के बाद इश्वरी ने सीआईएफ की राशि का उपयोग कर विभिन्न आजीविका गतिविधियों की शुरुआत की। उन्होंने कृषि कार्य, फैंसी दुकान संचालन और स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने का कार्य कर रही हैं। इसके अलावा वे बीसी सखी के रूप में भी सेवाएं प्रदान कर रही हैं।

आर्थिक स्थिति में हुआ सुधार     इश्वरी आज अपनी मेहनत और लगन से अलग-अलग स्रोतों से एक लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय अर्जित कर रही है। इश्वरी को कृषि कार्य से 35 हजार रुपए, फैंसी दुकान से 60 हजार और मध्यान्ह भोजन योजना से 24 हजार रुपए तक की आमदनी हो रही है। साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ शासन के महतारी वंदन योजना से भी हर महीने एक हजार रूपये प्राप्त हो रहा है। आज इन सभी आय स्रोतों से उनकी आर्थिक स्थिति पहले से कहीं बेहतर हो गई है। अब उनके बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक तंगी नहीं आती और परिवार का जीवन स्तर पहले से अधिक बेहतर हो गया है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम     इश्वरी मरकाम की सफलता महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि जब महिलाओं को सही अवसर और संसाधन मिलते हैं, तो वे अपने जीवन को आत्मनिर्भरता और सफलता की ओर ले जा सकती हैं। इश्वरी कहती हैं, “बिहान योजना ने मुझे और मेरे जैसी कई महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। अब मैं अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हूं और मेरे बच्चों की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया,  जो ग्रामीण महिलाओं के जीवन को सशक्त और समृद्ध बना रही है।

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts