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छत्तीसगढ़ :- मुंगेली न्यूज़ : रेत माफियाओं का आतंक : अवैध खनन पर कार्रवाई करने गए वन अमले को लाठी-डंडों से पीटा, दो की हालत गंभीर

Abhyuday Bharat News / Mon, Apr 13, 2026 / Post views : 198

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मुंगेली l अवैध रेत खनन पर कार्रवाई करने गए वन अमले पर रेत माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया, जिससे दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कलेक्टर कुंदन कुमार और डीएफओ अभिनव कुमार के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने FIR दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। पूरा मामला 10 अप्रैल 2026 की रात का है।

वन विभाग के अफसरों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मुंगेली जिले के खुड़िया वन परिक्षेत्र के सरगढ़ी परिसर में तैनात वन अमला अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर जंगल की ओर बढ़ा था, उन्हें अंदाजा नहीं था कि आगे उनके लिए जाल बिछाया जा चुका है। वन रक्षक अभिषेक बर्मन, योगेश बरेठ, देवेन्द्र बघेल और उनकी टीम जब भुक्खुनाला के पास पहुंची तो एक ट्रैक्टर अवैध रेत से भरा मिला। चालक राजकुमार यादव को मौके पर पकड़ लिया गया।रेत माफियाओं का आतंक : अवैध खनन पर कार्रवाई करने गए वन अमले को लाठी-डंडों से पीटा, दो की हालत गंभीर

सब कुछ नियंत्रण में लग रहा था, लेकिन असली खेल अभी बाकी था। जैसे ही टीम जंगल के भीतर और ट्रैक्टरों की तलाश में आगे बढ़ी, कुछ वाहन अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। टीम ने एक और ट्रैक्टर को पकड़ा और वापस लौटने लगी, यहीं से कहानी ने खतरनाक मोड़ लिया। भुक्खुनाला के पास अचानक कई लोग इकट्ठा हो गए। पहले बहस हुई, फिर गाली-गलौज और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। वन टीम को चारों तरफ से घेर लिया गया। “ट्रैक्टर क्यों ले जा रहे हो?”इस सवाल के साथ शुरू हुआ विवाद हिंसक हमले में बदल गया। आरोपियों ने वनकर्मियों को न सिर्फ पीटा, बल्कि कुछ समय के लिए बंधक भी बना लिया। लाठी-डंडों, हाथ-मुक्कों से ताबड़तोड़ हमला किया गया। जान से मारने की धमकियां दी गईं।

जंगल के बीच, अंधेरे में फंसी टीम के लिए हर पल खतरे से भरा था। इस हमले में अभिषेक बर्मन के सिर, माथे और सीने पर गंभीर चोटें आईं, जबकि योगेश बरेठ के हाथ, पैर, गर्दन और आंख के पास गहरी चोटें दर्ज की गईं। अन्य कर्मचारियों को भी चोटें आईं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर मौजूद ग्रामीणों, जिनमें सरपंच चंदर तिलगाम और नरेश तिलगाम शामिल थे, जिन्हे बीच-बचाव करना पड़ा।

काफी देर बाद वनकर्मियों को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया गया। घायल हालत में उन्हें लोरमी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद अभिषेक बर्मन को गंभीर स्थिति में बिलासपुर रेफर किया गया। घटना ने पूरे वन विभाग को हिला दिया है। कलेक्टर कुन्दन कुमार और डीएफओ अभिनव कुमार के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने FIR दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। यह घटना सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि जंगलों में सक्रिय रेत माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस का संकेत है, जहां अब सरकारी टीम भी सुरक्षित नहीं है।

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#CG NEWS

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