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.उत्तर प्रदेश :-वाराणसी न्यूज : लखनऊ के बाद वाराणसी, BJP का विपक्ष पर 'नारी शक्ति' वाला वार; कैडर को धार, 2027 की नैया होगी पार!

Abhyuday Bharat News / Mon, Apr 27, 2026 / Post views : 206

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महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर सड़कों पर प्रदर्शन के जरिए भारतीय जनता पार्टी एक तीर से दो शिकार कर रहा है। कैडर को एक्टिव मोड में लाया जा रहा है।

वाराणसी: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछले नौ सालों में भारतीय जनता पार्टी विरोधी तेवर के साथ मैदान में है। प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ के सत्ता में आने के बाद पहली बार किसी मुद्दे के विरोध में सरकार से लेकर पार्टी संगठन तक सड़क पर उतरी हुई है। मामला लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक के गिरने का है। जिम्मेदार विपक्ष को ठहराया जा रहा है। इसके जरिए भाजपा आधी आबादी पर पूरी पकड़ बनाने की कोशिश में जुटती दिख रही है। यूपी में महिला वोट बैंक उस स्तर पर मुखर नहीं दिखता, लेकिन सरकार बनाने में आधी आबादी की भूमिका बड़ी रहती है। पिछले 10 वर्षों में महिला वोट बैंक भाजपा के साथ साइलेंट वोटर के तौर पर खड़ी दिखी है। अब इस आधी आबादी के मुद्दे पर भाजपा अग्रेसिव है। लखनऊ के बाद वाराणसी में महिला मुद्दे पर रण में उतरने की तैयारी है।

भाजपा को मिला सियासी हथियार

लोकसभा में विपक्ष के महिला आरक्षण के मुद्दे पर लाए गए संविधान संशोधन विधेयक को गिराया जाना भारतीय जनता पार्टी को सियासी हथियार के तौर पर मिल गया है। आरक्षण के विरोध को लेकर अब तक भाजपा घिरती रही है। सपा, कांग्रेस से लेकर बसपा तक भाजपा पर आरक्षण विरोधी होने का आरोप चुनावी मैदान में लगाती रही है। अब महिला आरक्षण के विरोध के बाद भाजपा सपा-कांग्रेस पर आरक्षण विरोधी होने का पलटवार करती दिख रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ के सड़कों पर उतरने को इसी नजरिए से देखा जा रहा है।

लखनऊ की सड़कों पर 21 अप्रैल को सीएम योगी आदित्यनाथ सड़कों पर उतरे तो सरकार से लेकर संगठन तक को संदेश गया। मुद्दों को लेकर हर कार्यकर्ता को जमीन पर उतरना ही होगा। आरक्षण का मुद्दा लोगों की भावनाओं से जुड़ा है। यही वजह है कि विपक्ष में हलचल तेज है। मुद्दे को हल्का करने के लिए 2023 के महिला आरक्षण बिल के पास होने की बात उठाई जा रही है। वहीं, भाजपा इसे लागू किए जाने की राह में विपक्ष को बताकर आगे बढ़ती दिख रही है।

आक्रामक मोड में है भाजपा

लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान जीत के प्रति आश्वस्त दिखती भाजपा यूपी चुनाव 2027 से पहले आक्रामक मोड में आ गई है। कैडर को भी इसका स्पष्ट संदेश जा रहा है। जब सीएम और पूरा शीर्ष नेतृत्व सड़कों पर है तो उन्हें भी फुल एक्टिव मोड में आना होगा। महिला आरक्षण बिल का मुद्दा आधी आबादी की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। ऐसे में विपक्ष को सड़क पर घेरने के लिए भाजपा नेतृत्व ने लंबी प्लानिंग की है। इस मुद्दे के जरिए पार्टी एक तीर से दो निशाने साधने की तैयारी में है।

भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर विपक्ष को निशाने पर ले रही है। वहीं, दूसरी तरफ सत्ता की छांव में अलसाए कार्यकर्ताओं में जोश भी भरा जा रहा है है। लखनऊ की गर्मी में सीएम योगी के नेतृत्व में निकली जन आक्रोश यात्रा के असर को कमजोर न होने देने की प्लानिंग है। ऐसे में 28 अप्रैल को वाराणसी में भाजपा के आयोजन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वाराणसी में रहेंगे पीएम मोदी

वाराणसी में 28 अप्रैल को महिला सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों पश्चिमी यूपी पर फोकस किया था। ग्रेटर नोएडा में सेमीकंडक्टर यूनिट एवं जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन, मेरठ में आरआरटीएस एवं मेरठ मेट्रो का उद्घाटन और देहरादून से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर पश्चिमी यूपी को विकास के जरिए साधने की कोशिश की है। 29 अप्रैल को वे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। प्रयागराज से मेरठ को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजर रहा है। ऐसे में यह पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक को साधने की तैयारी है। वहीं, इससे पहले पीएम मोदी वाराणसी में रहेंगे।

पीएम मोदी 28 अप्रैल को वाराणसी पहुंचेंगे। वहां उनके महिला सम्मेलन में भाग लेने का कार्यक्रम है। पीएम नरेंद्र मोदी 28 और 29 अप्रैल को वाराणसी में रहकर प्रदेश के पूर्वी भाग को साधते दिखेंगे। साथ ही, महिलाओं को बड़ा संदेश भी दिया जाएगा। 29 अप्रैल के गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह के दौरान भी महिलाओं का मुद्दा उठना तय है। पीएम के दौरे से पहले मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ वाराणसी पहुंचे और तैयारियों का जायजा लिया।

'सियासी मंगल' के लिए मंगलवार

भोजपुरी-मैथिली में एक प्रचलित गाना है, 'आजू मंगल के दिनवां शुभे हो शुभे'। दरअसल, यह विवाह गीत है। महिलाओं के बीच गाया जाना वाला यह गाना महिला वोट बैंक को साधने की रणनीति के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। इसे संयोग कहें या रणनीति, 2027 के विधानसभा चुनाव में 'सियासी मंगल' की आस लिए भाजपा ने मंगलवार का दिन चुना है। 21 अप्रैल को सीएम योगी अपने दोनों डिप्टी सीएम और पार्टी कुनबे के साथ लखनऊ की सड़कों पर उतरे। नारी शक्ति को आरक्षण न दिए जाने को लेकर विपक्ष को घेरा।

ठीक एक सप्ताह बाद यानी 28 अप्रैल दिन मंगलवार को वाराणसी में पीएम नरेंद्र मोदी महिला सम्मेलन के जरिए विपक्ष पर हमलावर रुख अपनाते दिखेंगे। महिला अधिकारों पर वार के लिए फिर सपा-कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराने की तैयारी है। महिला वोट बैंक के बीच पकड़ को मजबूत बनाने के लिए दिन के चयन पर भी सियासी महकमे में खूब चर्चा है।

सरकार-संगठन दोनों की तैयारी

प्रदेश की सत्ता में करीब 9 वर्षों से काबिज भाजपा के कार्यकर्ता सेफ जोन में जाते दिखे हैं। लोकसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं की उदासीनता पार्टी के खराब प्रदर्शन का बड़ा कारण बनी। संगठन और सरकार के बीच के तमाम कील-कांटों को दुरुस्त किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। महिला बिल के लोकसभा में गिरने को पार्टी मास्टर स्ट्रोक की तरह प्रयोग करने में जुटी हुई है। पार्टी अपने कोर वोटरों को और मजबूती से अपने साथ जोड़े रखने की नीति पर काम कर रही है।

महिला वोट बैंक ने केंद्र और प्रदेश में पार्टी को सत्ता में लाने में बड़ी भूमिका निभाई है। ऐसे में संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह महिला इकाइयों को एक्टिव मोड में आने की बात कर चुके हैं। 28 अप्रैल को एक बार फिर पार्टी वाराणसी में बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में है। इससे पार्टी महिलाओं के बीच सरकार के कामों और प्रयासों के साथ-साथ विपक्ष पर महिला अधिकारों न देने के आरोपों को स्थापित करने की कोशिश में है।

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