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दरअसल पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर यानी पीओके (PoK) में प्रदर्शन कर रहे कश्मीरियों के खिलाफ पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई पर महबूबा मुफ्ती ने ऐतराज जताया है। उन्होंने पाकिस्तानी सरकार द्वारा कश्मीरियों पर की गई कार्रवाई पर सवाल खड़े किये है।
महबूबा मुफ्ती ने कहा ति LoC के उस पार से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं वो दिल दुख देने वाली हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शकारियों पर बल प्रयोग किया जाना दुखद है। इस तरह से शांतिपूर्ण प्रदर्शकारियों पर बल प्रयोग किया जाना दुखद है। किसी भी राष्ट्र का विकास अपनी जनता की आवाज को दबाकर नहीं हो सकता है. ये दमनकारी नीतियां जनता को आवाज को दबाने की है। मुफ्ती ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट के जरिए ये बातें कहीं हैं।
कश्मीरियों के हक की बात को दबाया नहीं जा सकता
मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में लिखा-पाकिस्तानी सरकार को मानवीय और बातचीत का तरीका अपनाना चाहिए था। रिपोर्ट्स में दवा किया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों की मांग जायज हैं और उन्हें सुना जाना चाहिए। उन्होंने आगे लिखा-कोई भी राष्ट्र अपने ही लोगों पर बल प्रयोग करके उनकी आवाज को दबाकर मजबूत नहीं बना सकता। सरकार को ये कार्रवाई रोक देनी चाहिए और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बुलेट दागना बंद करना चाहिए। मुफ्ती ने आगे कहा कि कश्मीरी भी सम्मान और न्याय के हकदार हैं और उनकी आवाज भी सुना जाना चाहिए न कि उसे दबाएं।
क्या है मामला?
बता दें कि Pok में विधानसभा चुनाव हो रहा है। स्थानीय जनता चुनाव का विरोध कर रही है। यहां की 12 आरक्षित सीटों को लेकर सबसे बड़ा विवाद है। लोगों का आरोप है कि Pok विधानसभा में शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों का इस्तेमाल अपनी कठपुतली सरकार थोपने के लिए कर रही है। इससे PoK में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ लोगों में आक्रोश है। इसे लेकर पिछले 40 दिन से जनता बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। प्रदर्शन को दबाने के लिए सरकार पाकिस्तानी सुरक्षा बलों का इस्तेमाल कर रही है। मीडियो का मुताबिक प्रदर्शन को कुचलने के लिए पाकिस्तानी सेना अबतक 100 से अधिक लोगों को मार चुकी है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कई इलाकों में जरूरत के सामान तक की सप्लाई रोक दी है और इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है।
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# International News
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