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बेमेतरा : फरार बताए जा रहे सरपंच ने स्वतंत्रता दिवस पर फहराया तिरंगा, ढाबा विवाद का मामला फिर चर्चा में

Abhyuday Bharat News / Sun, Aug 16, 2026 / Post views : 424

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बेमेतरा/मारो। ग्राम पंचायत नारायणपुर से करीब 2 किलोमीटर दूर रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर संचालित संदेश UP फैमिली ढाबा से जुड़ा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। ढाबा संचालक की शिकायत पर नारायणपुर के सरपंच बिसाहू तथा अन्य लोगों के खिलाफ लूट, मारपीट और तोड़फोड़ सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा आरोपियों को फरार बताया जा रहा है। इसी बीच स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरपंच द्वारा ग्राम पंचायत भवन में तिरंगा फहराए जाने की तस्वीरें सामने आने से मामला चर्चा में आ गया है।

खाने के बिल को लेकर शुरू हुआ विवाद, पुलिस में पहुंचा मामला

मिली जानकारी के अनुसार, ढाबा संचालक और सरपंच पक्ष के बीच खाने के बिल को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। शिकायत के अनुसार, सरपंच और उनके साथ आए कुछ लोगों द्वारा ढाबे में भोजन करने के बाद भुगतान को लेकर विवाद किया गया। शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया कि सरपंच ने अपने पद का हवाला देते हुए भविष्य में कई बार भोजन करने और भुगतान नहीं करने की बात कही।

विवाद बढ़ने के बाद ढाबा संचालक की ओर से मारो चौकी में शिकायत की गई। पुलिस ने मामले में BNS की धारा 296, 309(4), 324(5), 115(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार मामले में नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है।

झूठा मामला’ बताकर कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचा मामला

इधर, सूत्रों के मुताबिक सरपंच पक्ष द्वारा मामले को गलत एवं झूठा बताते हुए राजनीतिक स्तर पर विरोध दर्ज कराने की कोशिश की गई। बताया जा रहा है कि ग्राम एवं आसपास के कुछ महिला-पुरुषों, युवाओं तथा अन्य लोगों को साथ लेकर बेमेतरा कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन देने और धरना-प्रदर्शन की तैयारी की गई।

ज्ञापन में ढाबे के संचालन से ग्रामीणों को कथित रूप से होने वाली परेशानियों का उल्लेख किया गया। इसमें महिलाओं के लिए असहज स्थिति उत्पन्न होने तथा ढाबे में कथित रूप से अवैध शराब परोसे जाने जैसे आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन पर संबंधित प्रशासन अथवा ढाबा संचालक का पक्ष सामने आना बाकी है।

‘फरार’ और गांव में मौजूदगी को लेकर उठे सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस द्वारा आरोपी सरपंच को फरार बताया जा रहा है, जबकि स्थानीय स्तर पर उनके गांव में मौजूद रहने और पंचायत संबंधी गतिविधियों में शामिल होने की बातें सामने आ रही हैं।

यदि पुलिस रिकॉर्ड में आरोपी फरार है, तो उसके सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने और पंचायत भवन में आधिकारिक रूप से कार्यक्रम में उपस्थित रहने को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत भवन में सरपंच द्वारा पूजा-अर्चना के बाद तिरंगा फहराने की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें कुछ पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीण भी उनके साथ नजर आ रहे हैं।

अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर

ढाबा विवाद में दर्ज FIR, आरोपियों के फरार बताए जाने और इसके बाद सरपंच की सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस मामले में आगे क्या कार्रवाई करती है और क्या नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी होती है।

फिलहाल, पूरे मामले में ढाबा संचालक द्वारा लगाए गए आरोप, सरपंच पक्ष का कथित राजनीतिक विरोध और पुलिस की कार्रवाई—तीनों पहलू चर्चा के केंद्र में हैं। मामले की वास्तविक स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

समाचार : अनिल बघेल, ABN

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