पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण युद्ध के बीच एक बार फिर से E20 पेट्रोल चर्चा में आ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संकट के समय में मददगारी उपाय बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने क्राइसिस के समय।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण उत्पन्न ऊर्जा संकट के बीच E20 पेट्रोल चर्चा में आ गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने संकट के समय भारत की मदद करने वाले उपायों को गिनाते हुए E20 पेट्रोल का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने के कारण भारत को तेल का आयात कम करना पड़ा है। उन्होंने इसके लिए अपनी सरकार की जमकर तारीफ की।
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद के निचले सदन को लगभग 20 मिनट के अपने भाषण में बताया कि संकट के इस समय में, देश की एक और तैयारी बहुत उपयोगी साबित हो रही है। पिछले 10-11 वर्षों में, इथेनॉल उत्पादन और मिश्रण पर अभूतपूर्व काम किया गया है। इसके लिए मैं अपनी सरकार की तारीफ करता हूं।
उन्होंने आगे कहा, “एक दशक पहले, देश में पेट्रोल में केवल 1% इथेनॉल मिलाने की क्षमता थी। आज हम पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने के लक्ष्य के करीब हैं। इसी वजह से पिछले साल हमें लगभग 4.5 करोड़ बैरल कम तेल आयात करना पड़ा।”
भारत काफी हद तक खाड़ी क्षेत्र पर निर्भर
बता दें कि तेल के लिए भारत काफी हद तक खाड़ी क्षेत्र पर निर्भर है, जो 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले से शुरू हुए लगातार बढ़ते युद्ध की चपेट में है। इस युद्ध का असर साफ-साफ कच्चे तेल के आयात और निर्यात पर देखा जा रहा है। कच्चे तेल की कीमत में उछाल देखी जा रही है।
क्या है ई20 ईंधन?
ई20 ईंधन मे 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत इथेनॉल होता है। E20 पेट्रोल का मकसद तेल आयात बिलों को कम करना, कार्बन उत्सर्जन को घटाना और गन्ना किसानों का समर्थन करना है जो मिश्रण के लिए इथेनॉल प्रदान करते हैं। लेकिन भारत ने पिछले साल ई20 की एकसमान आपूर्ति हासिल कर ली थी, लेकिन इसके कारण पिछले कुछ वर्षों में विवाद भी हुए हैं, क्योंकि कई वाहन चालकों ने दावा किया है कि इससे इंजन खराब हो जाते हैं और माइलेज कम हो जाता है, खासकर पुराने वाहनों में।
एआईडीए ने 20 फीसदी से अधिक इथेनॉल मिश्रण की आपूर्ति करने की पेशकश
इस बीच, अखिल भारतीय आसवन संघ (एआईडीए) ने युद्ध के प्रभावों को कम करने के लिए 20 फीसदी से अधिक इथेनॉल मिश्रण की आपूर्ति करने की पेशकश की है। इसने सरकार से इथेनॉल मिश्रण की अनिवार्यता को धीरे-धीरे बढ़ाकर 30% करने की मांग की है।