Thu, 28 May 2026
Logo

ब्रेकिंग

SC के SIR पर फैसले से चुनाव आयोग बहुत खुश हुआ, असली वजह हैं, संविधान का अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व कानून

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार- 1 जुलाई से लागू होगा वीबी-जी-राम-जी मिशन, अब मिलेगा 125 दिनों का गारंटीड रो

’बारनवापारा के देवपुर जंगल में दिखी दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी’

रायपुर : ’तेन्दूपत्ता संग्रहण में छत्तीसगढ़ ने बनाया नया रिकॉर्ड, अब तक 13.52 लाख मानक बोरा संग्रहित’

रायपुर : भीषण गर्मी में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतें, जरूरतमंदों का सहारा बनें - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रगतिशील सतनामी समाज के द्वारा मस्तूरी में 31 मई को कार्यक्रम आयोजित

अग्निवीर में चयनित युवाओं का सम्मान

लगातार दूसरी बार आईपीएल के फाइनल में पहुंची बेंगलुरु, गुजरात को 92 रन से दी करारी शिकस्त, बल्लेबाजों के बाद गेंदबाजों ने

रणवीर सिंह पर FWICE का बैन, ‘डॉन 3’ छोड़ने के फैसले से मचा बॉलीवुड में हंगामा

टीएमसी में भगदड़ः 50 विधायक और 20 सांसद पाला बदलने को तैयार, एक दिन पहले 101 पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा दिया था

सूचना

: रायपुर : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 33,700 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया

Admin / Sun, Mar 30, 2025 / Post views : 220

Share:

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री देश भर में बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अनुरूप, सस्ती और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने और छत्तीसगढ़ को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बिलासपुर जिले में स्थित एनटीपीसी के सीपत सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्टेज- III (1x800MW) की आधारशिला रखी, जिसकी लागत 9,790 करोड़ रुपये से अधिक है। यह पिट हेड प्रोजेक्ट उच्च बिजली उत्पादन दक्षता के साथ अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) की 15,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660MW) के कार्य की शुरुआत की। उन्होंने पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (डब्ल्यूआरईएस) के तहत 560 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पावरग्रिड की तीन पावर ट्रांसमिशन परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित किया।

भारत के शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों, वायु प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ ऊर्जा समाधान प्रदान करने के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) परियोजना की आधारशिला रखी। इसमें 200 किलोमीटर से अधिक उच्च दाब पाइपलाइन और 800 किलोमीटर से अधिक एमडीपीई (मीडियम डेंसिटी पॉलीइथिलीन) पाइपलाइन और 1,285 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई सीएनजी डिस्पेंसिंग आउटलेट शामिल हैं। उन्होंने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की 540 किलोमीटर लंबी विशाख-रायपुर पाइपलाइन (वीआरपीएल) परियोजना की भी आधारशिला रखी, जिसकी लागत 2210 करोड़ रुपये से अधिक है। इस बहुउत्पाद (पेट्रोल, डीजल, केरोसिन) पाइपलाइन की क्षमता 3 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक होगी।

क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्रधानमंत्री ने 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली सात रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखी और 2,690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेल परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की। उन्होंने मंदिर हसौद के माध्यम से अभनपुर-रायपुर खंड में मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई। वह छत्तीसगढ़ में भारतीय रेलवे के रेल नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण को भी समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएँ भीड़भाड़ को कम करेंगी, कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी और पूरे क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी।

क्षेत्र में सड़क के बुनियादी ढांचे को बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री ने एनएच-930 (37 किमी) के झलमला से शेरपार खंड और एनएच-43 (75 किमी) के अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड को पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन में उन्नत करने के लिए राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने एनएच-130डी (47.5 किमी) के कोंडागांव-नारायणपुर खंड को पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन में उन्नत करने की आधारशिला भी रखी। 1,270 करोड़ रुपये से अधिक की ये परियोजनाएं आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच में काफी सुधार करेंगी जिससे क्षेत्र का समग्र विकास होगा।

सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने दो प्रमुख शैक्षिक पहल - राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूल और रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) - राष्ट्र को समर्पित की। रायपुर में वीएसके विभिन्न शिक्षा संबंधी सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी और डेटा विश्लेषण को सक्षम करेगा।

ग्रामीण परिवारों के लिए उचित आवास तक पहुंच सुनिश्चित करने और उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार लाने की प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए, प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश हुआ और प्रधानमंत्री ने इस योजना के तहत कुछ लाभार्थियों को चाबियाँ सौंपी

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts