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: ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते : परिवार से मिले 912 गुमशुदा बच्चे, घर में लौटी खुशियां

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आरपीएफ ने कई विशेष अभियानों के तहत यात्रियों की मदद, लावारिस सामान की वापसी, गुमशुदा बच्चों को उनके परिवार से मिलाने और अवैध टिकट दलालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इससे कई परिवारों को खुशी मिली है, तो कई परिवारों को उनके बिछड़े बच्चे मिले हैं।

  • 26.36 करोड़ रुपे का सामान यात्रियों को लौटाया।

  • 360 बेटियों को अब तक परिवार से मिलाया गया।

  • 10.5 करोड़ रुपए का अवैध टिकट जब्त किया।

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे सिर्फ रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा ही नहीं, समाज सेवा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रहा है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आरपीएफ ने कई विशेष अभियानों के तहत यात्रियों की मदद, लावारिस सामान की वापसी, गुमशुदा बच्चों को उनके परिवार से मिलाने और अवैध टिकट दलालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।

तीन साल के भीतर 912 गुमशुदा बच्चों को उनके परिवार से मिलाया। इससे उन परिवारों में दोबार खुशियां छा गईं। इन अभियानों के अंतर्गत ऑपरेशन अमानत, ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते, ऑपरेशन उपलब्ध और ऑपरेशन यात्री सुरक्षा ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। साल 2024 और 2025 (जनवरी तक) में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा हजारों यात्रियों की मदद की गई। इसके साथ ही करोड़ों रुपये के सामान सुरक्षित लौटाए गए। रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे इस तरह समाज सेवा की मिसाल भी पेश कर रहा है। ये अभियान न केवल यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत कर रहे हैं। ऑपरेशन अमानत से यात्रियों के छूटे सामान की सुरक्षा अक्सर यात्री अपना सामान ट्रेन में भूल जाते हैं। ऐसे में ऑपरेशन अमानत के तहत रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों के कीमती सामान को सुरक्षित उनके पास लौटाने का सराहनीय कार्य किया। सुरक्षा नियंत्रण कक्ष को सूचना मिलते ही संबंधित रेलवे पोस्ट को सक्रिय किया जाता है और यात्रियों को उनके सामान की जानकारी दी जाती है। ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते: घर से बिछड़े बच्चों को मिलाया रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में अक्सर छोटे बच्चे भटक जाते हैं या किसी कारणवश घर से भाग जाते हैं। ऐसे में रेलवे सुरक्षा बल का ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते इन मासूमों को सही जगह पहुंचाने के लिए मसीहा बनकर सामने आया है। रेलवे सुरक्षा बल ने रेलवे बोर्ड की गाइडलाइंस के अनुसार इन बच्चों को चाइल्ड हेल्प ग्रुप के माध्यम से परिवार तक सुरक्षित पहुंचाने का कार्य किया। यात्रियों के लिए विशेष निर्देश यदि आपका सामान खो जाए, तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क करें। किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो तो रेलवे सुरक्षा बल को सूचित करें।

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