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: कुसमुंडा कोयला खदान में बहे अफसर की मिली डेड बॉडी, SDRF और SECL ने चलाया था रेस्क्यू ऑपरेशन

Admin / Mon, Jul 29, 2024 / Post views : 408

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ABN EXPRESS NEWS 24x7 कोरबा: एसईसीएल कुसमुंडा मेगाप्रोजेक्ट में शनिवार की शाम 4.30 बजे भारी वर्षा होने के कारण खदान में कार्यरत 6 लोग पानी के बहाव में फस गए। इनमें से 5 लोग सुरक्षित रूप से निकलने में सफल रहे लेकिन जितेंद्र नागरकर, सहायक प्रबन्धक (माइनिंग) पैर फिसलने के कारण पानी के बहाव में साथ में बहे चले गए। कुसमुंडा प्रबंधन ने तुरंत एक्शन लेते हुए बचाव कार्य शुरू किया एवं एसडीआरएफ़ की टीम की सहायता से नागरकर को निकालने का प्रयास करते रहे । आखिरकार रात भर चले रैस्क्यू के बाद माइनिंग अफसर के शव को निकाला गया है। बताया जा रहा है कि बचाव कार्य में मुश्किल इसलिए आ रही थी क्योंकि खदान में इतनी भारी मात्रा में पानी के साथ मिट्टी बह रही थी और मशीन भी पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर रही थी खदान में यह जगह भी फिसलन भरी थी।

असिस्टेंट इंजीनियर जितेंद्र नागरकर की डेड बॉडी मिली: शनिवार को कोरबा के कुसमुंडा में तीन बजे जोरदार बारिश हुई. भारी बारिश के चलते खदान के ओवर बर्डन की ओर पानी का तेज सैलाब आया. पानी के तेज बहाव में खदान में काम कर रहे पांच से छह लोग फंस गए. जितेंद्र नागरकर को छोड़कर बाकी सभी कर्मचारी मौके से निकलने में कामयाब रहे. असिस्टेंट इंजीनियर जितेंद्र की तलाश में रेस्क्यू टीम को लगाया गया. शनिवार रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. अफसर की डेड बॉडी रविवार की सुबह मिली. भारी बारिश और तेज बहाव के चलते खदान में दलदल जैसे हालात बन गए थे.

दुनिया के दस बड़े कोयला खदानों में कुसमुंडा शामिल है: रिपोर्ट के मुताबिक कोरबा का कुसमुंडा कोयला खदान दुनिया के दस बड़े कोयला खदानों में शुमार है. कुसमुंडा कोयला खदान से बड़ी मात्रा में कोयला का उत्पादन किया जाता है. कुसमुंडा के खदान से निकला कोयला देश के कई राज्यों में जाता है. खदान में हादसा कैसे हुआ अब इसकी जांच होगी. बताया जा रहा है कि ओवर बर्डन के बीच इतना पानी कैसे जमा हुआ इसकी जानकारी किसी को भी नहीं थी

 

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