Wed, 29 Jul 2026
Logo

ब्रेकिंग

Paytm Payments Bank को दिल्ली हाईकोर्ट ने हमेशा के लिए बंद करने का दिया आदेश, RBI से पहले ही मिला है झटका

यूपी पुलिस में बड़ा फेरबदल, लखनऊ को मिला नया पुलिस कमिश्नर

WTC 2027 फाइनल की रेस में टीम इंडिया, श्रीलंका के खिलाफ जीत क्यों है अहम? जानिए पूरा समीकरण

नए शिक्षामंत्री पर प्रियंका गांधी के बयान पर हंगामा, रिजिजू बोले- चरित्र हनन किया, माफ़ी मांगे

कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर को ‘महतारी वंदन वसूली योजना’ का दिया नाम....

IND vs ZIM 3rd T20I: भारत ने तीसरे टी20 में जिम्बाब्वे को 35 रन से हराया, सीरीज 3-0 से की क्लीन स्वीप

Indian Idol 16 Winner : Jyotirmayee Nayak बनीं ‘इंडियन आइडल 16’ की विजेता, ट्रॉफी के साथ जीता लाखों का कैश प्राइज

वाराणसी के स्कूल में मासूम संग हैवानियत! टॉयलेट करने पर नर्सरी छात्र का प्राइवेट पार्ट गर्म चाकू से जलाने का आरोप

CJP आंदोलन का असर देख नेपाल सरकार के हाथ-पांव फूले, त्रिभुवन यूनिवर्सिटी पेपर लीक मामले पर दी सफाई

फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर अरबों की ठगी ! 10 राज्यों से छत्तीसगढ़ पहुंचे 100 से अधिक निवेशक....

सूचना

छत्तीसगढ़ न्यूज़ : धर्मांतरण के खिलाफ दिल्ली कूच: बस्तर से 1200 आदिवासी डी-लिस्टिंग की मांग लेकर रवाना, राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा ज्ञापन

Abhyuday Bharat News / Sat, May 23, 2026 / Post views : 116

Share:

जगदलपुर: देशभर में धर्मांतरित परिवारों की डी-लिस्टिंग की मांग अब तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सातों जिलों से करीब 1200 आदिवासी ग्रामीण दिल्ली रवाना हुए हैं, जहां 24 मई को राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। सर्व आदिवासी समाज के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम का दावा है कि देशभर से करीब 5 लाख आदिवासी इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।

नक्सलवाद के बाद धर्मांतरण बड़ी समस्या- अरविंद नेताम

नेताम का कहना है कि धर्मांतरण के बाद भी कई परिवार ST और SC आरक्षण समेत सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं, जबकि उन्हें मिशनरियों से भी सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने बस्तर में धर्मांतरण को नक्सलवाद के बाद सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि इससे आदिवासी संस्कृति, परंपरा और रीति-रिवाज खतरे में पड़ गए हैं।

प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि गांव-गांव में प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है और अवैध रूप से चर्च संचालित किए जा रहे हैं। इसी को रोकने के लिए धर्मांतरित परिवारों को आरक्षण लाभ से बाहर करने यानी डी-लिस्टिंग की मांग उठाई जा रही है। हालांकि स्वास्थ्य कारणों से अरविंद नेताम दिल्ली कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहे हैं, लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग की है।

Tags :

#CG NEWS

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts