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: यह कैसी राजनीति जोगी की प्रतिमा को उन्हीं के गृह जिले में नहीं मिल रहा स्थान

Admin / Tue, May 27, 2025 / Post views : 303

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छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री की मूर्ति स्थापना का मामला उन्हीं के गृह जिले गौरेला पेंड्रा मरवाही में राजनीतिक मोड़ ले रहा है। अजीत जोगी यहीं से एक से अधिका बार इसी विधानसभा से विधायक भी रहे। जिले के ज्योतिपुर तिराहे से उनकी कांस प्रतिमा चोरी हो जाने की खबर आईं बताते हैं कि इस प्रतिमा का अवतरण 29 मई को होना था। इस घटना के पहले नगर पालिका के सीएमओ ने ज्योतिपुर के सौंदर्य करण के ठेकेदार को चेतावनी दी थी कि वह बगैर अनुमति लगाई गई अजीत जोगी की प्रतिमा को 24 घंटे के भीतर हटा दें क्योंकि यहां पहले से श्यामा प्रसाद द्विवेदी की प्रतिमा प्रस्तावित है।

तहसीलदार शेषनारायण जायसवाल ने अजीत जोगी की प्रतिमा को हटाए जाने की पुष्टि की, कांस प्रतिमा का वजन लगभग 700 किलो है। और सीसीटीवी फुटेज में क्रेन की मदद से इस मूर्ति को हटाते हुए देखा जा सकता है। लेकिन क्रेन किसकी थी और मूर्ति क्यों हटाई गई इसका जवाब नहीं है। वैसे मरवाही और अजीत जोगी के संबंधों को देखा जाए तो अजीत जोगी के प्रतिमा को सबसे पहले उनके गृह जिले में ही स्थान मिलना चाहिए। श्याम प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाएं छत्तीसगढ़ के कई जिलों में स्थापित है। स्थानीय और वह भी अजीत जोगी जो न केवल छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री रहे बल्कि मरवाही से ही विधायक भी चुने गए।

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