Tue, 15 Sep 2026
Logo

ब्रेकिंग

काशी विद्वत परिषद की प्रथम बैठक संपन्न, नवागढ़ ब्लॉक की कार्यकारिणी गठित

समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए डॉ. द्वारिका प्रसाद साहू को मानद डॉक्टरेट सम्मान

अंबिकापुर के सड़क की वायरल वीडियो का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान: कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा

सामाजिक सरोकारों से मानद डॉक्टरेट तक का सफर : डॉ. मनीष कुमार साहू को मिला सम्मान

सतनाम पंथी महोत्सव में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सामने के 400 कलाकार दल हुए शामिल

राम सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी की मांग, एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो SP कार्यालय घेराव की चेतावनी

काशी विद्वत परिषद की महत्वपूर्ण बैठकआज रविवार को मारो में: अनिल बघेल ABN

निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पर मंथन

प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना किया साकार : केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिं

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश

सूचना

मौसम: छत्तीसगढ़ में 14 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी से मौसम सुहाना हो गया है, वहीं कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है

बीजापुर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है, जहां नक्सलियों का डंप बरामद कर भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त किए गए हैं।

स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है जिसके तहत अब प्रिंसिपलों को भी रोजाना दो पीरियड लेने होंगे

: यह कैसी राजनीति जोगी की प्रतिमा को उन्हीं के गृह जिले में नहीं मिल रहा स्थान

Admin / Tue, May 27, 2025 / Post views : 349

Share:

छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री की मूर्ति स्थापना का मामला उन्हीं के गृह जिले गौरेला पेंड्रा मरवाही में राजनीतिक मोड़ ले रहा है। अजीत जोगी यहीं से एक से अधिका बार इसी विधानसभा से विधायक भी रहे। जिले के ज्योतिपुर तिराहे से उनकी कांस प्रतिमा चोरी हो जाने की खबर आईं बताते हैं कि इस प्रतिमा का अवतरण 29 मई को होना था। इस घटना के पहले नगर पालिका के सीएमओ ने ज्योतिपुर के सौंदर्य करण के ठेकेदार को चेतावनी दी थी कि वह बगैर अनुमति लगाई गई अजीत जोगी की प्रतिमा को 24 घंटे के भीतर हटा दें क्योंकि यहां पहले से श्यामा प्रसाद द्विवेदी की प्रतिमा प्रस्तावित है।

तहसीलदार शेषनारायण जायसवाल ने अजीत जोगी की प्रतिमा को हटाए जाने की पुष्टि की, कांस प्रतिमा का वजन लगभग 700 किलो है। और सीसीटीवी फुटेज में क्रेन की मदद से इस मूर्ति को हटाते हुए देखा जा सकता है। लेकिन क्रेन किसकी थी और मूर्ति क्यों हटाई गई इसका जवाब नहीं है। वैसे मरवाही और अजीत जोगी के संबंधों को देखा जाए तो अजीत जोगी के प्रतिमा को सबसे पहले उनके गृह जिले में ही स्थान मिलना चाहिए। श्याम प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाएं छत्तीसगढ़ के कई जिलों में स्थापित है। स्थानीय और वह भी अजीत जोगी जो न केवल छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री रहे बल्कि मरवाही से ही विधायक भी चुने गए।

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts