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छत्तीसगढ़ न्यूज़ : कोरबा में आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में महिला दोषी, सत्र अदालत ने सुनाई 5 साल की सश्रम कैद

Abhyuday Bharat News / Tue, Jan 6, 2026 / Post views : 196

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ABN EXPRESS NEWS :- ✍️👤 By , Naval Singh

कोरबा, 06 जनवरी। हत्या और आत्महत्या से जुड़े एक गंभीर मामले में कोरबा की सत्र अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस. शर्मा की अदालत ने एक महिला को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

12 मई 2024 की है दिल दहला देने वाली घटना

लोक अभियोजक राजेंद्र साहू ने बताया कि यह मामला उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम कुकरीचोली का है। 12 मई 2024 को जयराम रजक अपनी पत्नी सुजाता और पुत्री जयशिका के साथ घर के एक कमरे में सो रहा था। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा तोड़कर अंदर देखा गया तो जयराम का शव खून से लथपथ पड़ा था, जबकि पत्नी सुजाता और पुत्री जयशिका अचेत अवस्था में मिली थीं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पत्नी सुजाता और पुत्री जयशिका की हत्या की गई थी, जबकि जयराम रजक ने आत्महत्या की थी।

बकाया मजदूरी बनी घटना की वजह

जांच में सामने आया कि जयराम रजक ने उरगा के सलिहाभांठा ओवरब्रिज के पास रहने वाली संतोषी जगत (42 वर्ष) के मकान का निर्माण कार्य किया था। इस कार्य के एवज में संतोषी पर जयराम के करीब 1 लाख 88 हजार 100 रुपये बकाया थे। लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण जयराम मानसिक तनाव में था और लगातार राशि की मांग कर रहा था।

पुलिस ने जयराम के घर से मजदूरी भुगतान से संबंधित दस्तावेज जब्त किए, जिनमें बकाया राशि का उल्लेख था। साथ ही संतोषी के यहां काम करने वाले मजदूरों और जयराम के परिजनों के बयान दर्ज किए गए, जिनसे बकाया भुगतान की पुष्टि हुई।

अदालत ने माना अपराध गंभीर

सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पुलिस ने संतोषी जगत पति लाल सिंह जगत के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। मामले की सुनवाई कोरबा की सत्र अदालत में चल रही थी।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कठोर सजा की मांग करते हुए कहा कि आरोपी की प्रताड़ना के कारण जयराम और उसका पूरा परिवार खत्म हो गया। वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी महिला है और उसके ऊपर बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि जयराम की आत्महत्या और पत्नी व पुत्री की हत्या से अपराध की गंभीरता और बढ़ जाती है। इसके बाद न्यायालय ने संतोषी जगत को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। 

ABN EXPRESS NEWS :- ✍️👤 By , Naval Singh

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