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JANJGIR : डीई करके आरक्षक को दिया सुरक्षित रास्ता

Abhyuday Bharat News / Sat, Mar 14, 2026 / Post views : 406

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जांजगीर जिले का अशोक भारती केस यह बताता है कि व्यवस्था अपनों को किस तरह बचाती है और बचने का रास्ता देती है। पीड़िता की शिकायतों के अनुसार अशोक भारती से उसकी मित्रता 2022 में तब हुई जब उसने अपने पति के खिलाफ परिवार परामर्श केंद्र जांजगीर चांपा में शिकायत और केंद्र की सुनवाई पर उपस्थित हुई। अशोक भारती उन दिनों केंद्र पर ही पदस्थ था। दोनों के बीच पहले मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान हुआ और शीघ्र ही अतिरिक्त कमाई मल्टीलेवल मार्केटिंग (एम एल एम) के कारण दोनों मिलने लगे। पीड़िता की शिकायतें बताती है कि वह जांजगीर स्थित होटल माधव लॉज में व्यावसायिक कर्म से रुकती थी जब अशोक भारती से मित्रता दैहिक क्षण में बदल गई तो होटल के कमरे में ही मारपीट भी हुई।

आखिरकार पीड़िता ने जिला जांजगीर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस शिकायत दर्ज की और आरक्षक की गिरफ्तारी भी हुई कोर्ट के आदेश पर उसे जेल दाखिल कर दिया गया। जमानत पश्चात इसकी एक डी विभागीय जांच भी शुरू हुई बस यही पर ऐसा लगता है की व्यवस्था ने आरक्षक को सेफ प्लेसेज (सुरक्षित रास्ता) दिया अपने खिलाफ चल रहे जांच के विरुद्ध आरक्षक ने न्यायालय की सदन ली डब्ल्यूपी 6462/2024 दाखिल हुई । डब्ल्यूपी पर याचिकाकर्ता को स्थगन मिलना ही था। उच्च न्यायालय के दर्जनों निर्णय हैं जो बताते हैं कि अपराधिक प्रकरण अर्थात न्यायालय की सुनवाई और डी एक साथ नहीं चल सकता। सो डी पर स्थगन हो गया और आरक्षक की बहाली हो गई।

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