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BILASPUR : डमी प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग : शिक्षाविद अमित गौड़

Abhyuday Bharat News / Fri, Jul 31, 2026 / Post views : 12

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शहर की छात्र-छात्राओं से 35,000 से ₹1,00000 तक अधिक की वसूली कर डमी प्रवेश दिया जा रहा है, डमी प्रवेश में गरीब मध्यवर्गीय बच्चों पर सीबीएसई सीजी बोर्ड 75% उपस्थिति दर्ज कर टेस्ट परीक्षा अर्धवार्षिक एवं 9 वी एवं 11 वी की मुख्य परीक्षा में भाग लेने दिया जाता है, जबकि डमी प्रवेश छात्रों के लिए उपस्थित परीक्षा में छूट दे दी जाती है

डमी स्कूलों को बंद कराने की तैयारी, योजना बनाने में जुटा CBSE; खत्म होगी  ऐसे Schools की मान्यता - ncr CBSE Preparations to close down dummy schools  Search for take action

शासन प्रशासन एवं विभागीय शिक्षा अधिकारी को गौड़ सर द्वारा शिकायत कर ऐसी शालाओं की मान्यता समाप्त करने की कार्यवाही की मांग की गई है

शासकीय एवं अशासकीय शालाओं के शिक्षकों पर एक प्रकार पढ़ाई कराए जाने पर प्रतिबंध है जिस पर शक्ति करने की शासन प्रशासन से मांग की गई ताकि आर्थिक रूप से गरीब वर्ग की विद्यार्थियों का उत्थान किया जा सके l

डमी एडमिशन के नुकसान कौशल विकास में कमी: केवल कोचिंग पर निर्भर रहने से छात्रों का सर्वांगीण विकास प्रभावित होता है और प्रैक्टिकल ज्ञान अधूरा रह जाता है।मानसिक तनाव: शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, डमी स्कूलिंग की प्रथा छात्रों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

डमी एडमिशन शिक्षा के अधिकार की मूल भावना के विपरीत है। गौड़ सर ने कहा कि विद्यालयों द्वारा केवल नाम मात्र के एडमिशन लिए जा रहे हैं, जबकि छात्र पूरे वर्ष कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करते हैं। यह प्रक्रिया शिक्षा का व्यवसायीकरण है और ग्रामीण व निर्धन छात्रों के साथ घोर अन्याय है, जिले में संचालित सभी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों की सघन जांच की जाए।

डमी एडमिशन प्रणाली पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए।

दोषी संस्थानों के विरुद्ध मान्यता समाप्ति की कार्यवाही शुरू की जाए।

एक नियमावली बनाकर शिक्षा विभाग इसे नियंत्रित करे।

समाचार : अनिल बघेल ABN

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