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Madhyapadesh : Ground Report: ‘छोटी काशी’ बनी नरक! कीचड़ के दलदल में तब्दील हुई सड़कें, स्कूली बच्चे और ग्रामीण परेशान

Abhyuday Bharat News / Sat, Jul 4, 2026 / Post views : 164

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कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले से विकास के दावों की पोल खोलती खबर सामने आई है। ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बड़ी पोड़ी से खिरवा मार्ग इन दिनों ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन चुका है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन आने वाली यह सड़क पिछले कई वर्षों से विभागीय उपेक्षा का शिकार है, जिसके कारण अब पूरा गाँव प्रशासन के खिलाफ आक्रोशित है।

विद्वानों की भूमि ‘छोटी काशी’ की दुर्दशा से निराशा

ग्राम बड़ी पोड़ी को पुराने समय से ही क्षेत्र में ‘छोटी काशी’ के नाम से जाना जाता है। इस गांव की पहचान उच्च कोटि के विद्वानों और प्रख्यात कथावाचकों से है। लेकिन जैसे ही वे गांव की सीमा में प्रवेश करते हैं, सड़क की यह बदहाली और दुर्दशा देखकर बेहद निराश और हताश होते हैं। महज डेढ़ किलोमीटर लंबा यह मार्ग आज ग्रामीणों के लिए जानलेवा जोखिम का पर्याय बन चुका है।

दलदल में तब्दील हुआ मार्ग; बच्चे, मरीज और गर्भवती महिलाएं बेहाल

बरसात का मौसम शुरू होते ही इस पूरी सड़क ने गहरे कीचड़ और दलदल का रूप अख्तियार कर लिया है। सबसे ज्यादा दयनीय स्थिति मासूम बच्चों और मरीजों की है। इसी दलदल भरे रास्ते के भरोसे स्कूली छात्र और आंगनबाड़ी के छोटे बच्चे रोजाना जान जोखिम में डालकर आने-जाने को मजबूर हैं।

वहीं गांव में किसी के बीमार होने पर या गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए शासकीय या निजी अस्पतालों तक ले जाने में ग्रामीणों के पसीने छूट जाते हैं। मुख्य मार्ग तक खाट या पैदल मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर से लगाई गुहार

कई बार की शिकायतों के बावजूद लोक निर्माण विभाग इस ओर ध्यान देने को बिल्कुल तैयार नहीं है। विभाग की इस लगातार अनदेखी और संवेदनहीनता से नाराज ग्रामीणों ने अब सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कटनी कलेक्टर दिलीप कुमार यादव से इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की है।

जिम्मेदार अधिकारी का क्या है पक्ष?

PWD के एडीओ शैलेंद्र शुक्ला का कहना है कि पोड़ी गांव की सड़क काफी पुरानी है। हाल के वर्षों में सड़क के दोनों ओर नए मकान बनने के कारण सड़क का स्तर नीचे हो गया है, जिसके चलते बारिश का पानी यहां जमा हो रहा है और कीचड़ की स्थिति बन रही है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई सड़क बनवाने का सर्वे करवाया जाएगा और शासन स्तर पर बजट स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा

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