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Abhyuday Bharat News / Tue, Jun 30, 2026 / Post views : 11
भोपाल। राजधआनी भोपाल की एक विशेष अदालत ने नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के हक में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने न सिर्फ 60 साल के आरोपी अब्दुल सलीम कुरैशी को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई बल्कि पीड़िता की इच्छा का सम्मान करते हुए उसकी पढ़ाई की क्षतिपूर्ति के लिए आरोपी से 4 लाख रुपए का मुआवजा भी दिलवाया है। सुनवाई के दौरान जब बिन मां की इस मासूम बच्ची ने कोर्ट से कहा कि वह आगे पढ़ना चाहती है तो अदालत ने उसकी शिक्षा को सुरक्षित करने के लिए यह कदम उठाया।
यह पूरा मामला भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र का है। घटना 24 जून 2021 की है जब 13 साल की पीड़िता अपने घर में अकेली बैठकर पढ़ाई कर रही थी। पीड़िता की मां का पहले ही देहांत हो चुका था। इसी का फायदा उठाकर क्षेत्र का ही रहने वाला एक परिचित 60 वर्षीय बुजुर्ग अब्दुल सलीम कुरैशी उसके घर में घुसा और मासूम के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद सहमी हुई बच्ची ने अपने परिजनों को आपबीती बताई। इसके बाद पीड़िता के चाचा ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए मामले की जानकारी चाइल्ड हेल्पलाइन (Child Helpline) को दी। चाइल्ड हेल्पलाइन की दखल के बाद निशातपुरा थाना पुलिस ने आरोपी अब्दुल सलीम कुरैशी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।
मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश ने आरोपी अब्दुल सलीम कुरैशी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने समाज में ऐसे जघन्य अपराधों के प्रति कड़ा संदेश देते हुए 60 साल के दोषी को 20 वर्ष की जेल की सजा सुनाई।
इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़िता के भविष्य और उसकी शिक्षा के प्रति संवेदनशीलता दिखाई। बच्ची के पढ़ाई के प्रति लगाव को देखते हुए कोर्ट ने दोषी पर जुर्माना लगाते हुए 4 लाख रुपये की राशि पीड़िता को उसकी पढ़ाई की क्षतिपूर्ति के रूप में देने के आदेश जारी किए। कोर्ट के इस फैसले की हर तरफ सराहना हो रही है जिसने एक अनाथ बच्ची के टूटे हौसलों को दोबारा उड़ान देने का काम किया है।
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