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बिलासपुर : विष्णु क़े राज में नापतौल विभाग का कोई भगवान नहीं, लावारिश से भी गई बीती स्थिति में यह विभाग

Abhyuday Bharat News / Sat, Aug 1, 2026 / Post views : 39

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33 जिले वाले छत्तीसगढ़ की आबादी इस समय लगभग 3.25 करोड़ है और विधि मापन विभाग जिसे आमतौर की भाषा में नापतोल विभाग के नाम से जानते हैं में केवल 22 इंस्पेक्टर हैं तो प्रत्येक जिले में एक इंस्पेक्टर भी नहीं होता। बिलासपुर जिले में इनका दफ्तर नेहरू चौक से 11 किलोमीटर बाहर है कोटा रोड पर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में। इस कार्यालय को निर्मित करने की राशि केंद्र सरकार से मिली थी पर स्थान चयन इतनी असुविधा के साथ किया गया कि बिलासपुर शहर के ही लाखों व्यवसाय तो खुश हैं पर आम जनता इसके हित प्रभावित तो हो रहे हैं उन्हें अब यह याद भी नहीं की राज्य सरकार का इस तरह का कोई विभाग होता है।

बिलासपुर का कार्यालय संभागीय कार्यालय है तो यहां डिप्टी कंट्रोलर बैठता है पर उसमें भी शर्मनाक स्थिति है डिप्टी कंट्रोलर रायपुर में बैठता है और बिलासपुर का चार्ज उनके पास एडिशनल है। जिला स्तर पर दो इंस्पेक्टर हैं गणेश कुमार चक्रधर और नीलू समिश्रा जिला कार्यालय में दो बाबू और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। जिला कार्यालय में एक बाबू और तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। पूरे 1 वर्ष में बिलासपुर जिले के भीतर 60 कैंप लगाए जाते हैं जिनमें व्यापारी आकर अपने उपकरणों का प्रमाणीकरण कर सकते हैं। कोयल के धर्म कांटे से लेकर ग्राम में मापन करने वाले ज्वेलर और बैंकों के नोट गिनने वाली मशीन तक का प्रमाणीकरण करना इस दफ्तर का काम है पर शहर में इनका दर्शन तीज त्योहार पर इस तरह होता है जिस तरह किन्नर अपना धंधा करने आते हैं।

समाचार : अनिल बघेल

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