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दिल्ली न्यूज : ना खाऊंगा ना खाने दूंगा धोखा था अरुणाचल CM से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस ने ऐसे साधा निशाना

Abhyuday Bharat News / Mon, Apr 6, 2026 / Post views : 156

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अरुणाचल प्रदेश में सरकारी ठेकों में कथित गड़बड़ियों की जांच को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा कि 'ना खाऊंगा ना खाने दूंगा' पूरी तरह से धोखा था। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह तो बस शुरुआत है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को अरुणाचल प्रदेश में सरकारी ठेकों में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए प्रारंभिक जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। खासतौर पर यह मामला उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें CM पेमा खांडू के परिवार से जुड़े लोगों को ठेके दिए जाने की बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा कि ' ना खाऊंगा ना खाने दूंगा ' एक पूरी तरह से धोखा था जिसका पर्दाफाश अब हो रहा है।

यह तो बस शुरुआत है, कांग्रेस ने साधा निशाना
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कहा कि यह तो बस शुरुआत है और कई अन्य बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी इसी श्रेणी में आते हैं,जिनमें पूर्वोत्तर के एक मुख्यमंत्री जो बहुत जल्द पूर्व मुख्यमंत्री होने वाले हैं वह भी शामिल हैं। कांग्रेस का यह हमला तब आया जब सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को अरुणाचल प्रदेश में सार्वजनिक निर्माण कार्यों के ठेके कथित तौर पर मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली कंपनियों को दिए जाने के मामले में दो सप्ताह के भीतर प्रारंभिक जांच शुरू करने का निर्देश दिया।

अरुणाचल प्रदेश में 1 जनवरी 2015 से 31 दिसंबर 2025 तक सार्वजनिक कार्यों, ठेकों और कार्य आदेशों के आवंटन और उनके क्रियान्वयन की जांच की जाए। सीबीआई इस निर्णय की तारीख से दो सप्ताह में प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज करेगी और कानून के अनुसार आगे बढ़ेगी।

स्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ, सुप्रीम कोर्ट


मामला सुप्रीम कोर्ट क्यों पहुंचा
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि पिछले 10 वर्ष में अरुणाचल प्रदेश में लगभग 1,270 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके और कार्य आदेश मुख्यमंत्री खांडू के परिजन से जुड़ी चार कंपनियों को दिए गए। याचिकाकर्ता एनजीओ सेव मोन रीजन फेडरेशन और वॉलंटरी अरुणाचल सेना की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने राज्य सरकार द्वारा दायर हलफनामे का हवाला देते हुए दलील दी कि कई ठेके मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली कंपनियों को दिए गए।

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