Wed, 16 Sep 2026
Logo

ब्रेकिंग

काशी विद्वत परिषद की प्रथम बैठक संपन्न, नवागढ़ ब्लॉक की कार्यकारिणी गठित

समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए डॉ. द्वारिका प्रसाद साहू को मानद डॉक्टरेट सम्मान

अंबिकापुर के सड़क की वायरल वीडियो का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान: कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा

सामाजिक सरोकारों से मानद डॉक्टरेट तक का सफर : डॉ. मनीष कुमार साहू को मिला सम्मान

सतनाम पंथी महोत्सव में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सामने के 400 कलाकार दल हुए शामिल

राम सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी की मांग, एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो SP कार्यालय घेराव की चेतावनी

काशी विद्वत परिषद की महत्वपूर्ण बैठकआज रविवार को मारो में: अनिल बघेल ABN

निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पर मंथन

प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना किया साकार : केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिं

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश

सूचना

मौसम: छत्तीसगढ़ में 14 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी से मौसम सुहाना हो गया है, वहीं कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है

बीजापुर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है, जहां नक्सलियों का डंप बरामद कर भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त किए गए हैं।

स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है जिसके तहत अब प्रिंसिपलों को भी रोजाना दो पीरियड लेने होंगे

ABN NEWS :- देश दुनिया : होर्मुज की खाड़ी में फंसे 22 भारतीय जहाजों को निकालने का सेक्रेट प्लान, अलर्ट मोड में इंडियन नेवी के युद्धपोत....

Abhyuday Bharat News / Sat, Mar 21, 2026 / Post views : 207

Share:

भारत सरकार उन मालवाहक जहाजों के लिए आपातकालीन निकासी योजना बना रही है, जो ईरान जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में फंस गई हैं। इन जहाजों को निकालने में इंडियन नेवी मदद करेगी।

नई दिल्लीः भारत सरकार उन मालवाहक जहाजों के लिए आपातकालीन निकासी योजना बना रही है, जो ईरान जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में फंस गई हैं। सरकार को उम्मीद है कि इससे कच्चे तेल, नैचुरल गैस और कुकिंग गैस जैसी बेहद जरूरी चीजों की आपूर्ति बहाल हो सकेगी। शिपिंग महानिदेशालय की ओर से कैबिनेट सचिवालय को सौंपे गए एक प्रस्ताव के मुताबिक इस रणनीति में होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए भारतीय नौसेना सुरक्षा मुहैया कराएगी।

22 जहाजों को निकालने में जुटी सरकार

कुल मिलाकर, 22 जहाजों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से इस इलाके से बाहर निकालने के लिए चुना गया है। इन 20 जहाजों में से 10 लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) ले जाने वाले जहाज हैं, सात कच्चे तेल के टैंकर हैं और तीन लिक्विफाइड नैचुरल गैस (LNG) ले जा रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट से दो कंटेनर जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने पर भी बातचीत चल रही है। दुनिया के 20% तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होती है।

इंडियन नेवी की निगरानी में जहाजों की होगी निकासी

इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक "हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित और व्यवस्थित निकासी सुनिश्चित करने के लिए नौसैनिक सुरक्षा और अन्य सुरक्षा उपायों की योजना बनाने पर बातचीत चल रही है।" एक प्रभावित निर्यातक ने कहा, "हालांकि सरकार के कई विभागों ने इस संकट को कम करने की पूरी कोशिश की है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनके आदेशों को लागू करने की जरूरत है।


तटस्थ देशों के स्वामित्व वाले खाड़ी क्षेत्र सभी जहाजों के लिए खुले रहने चाहिए, लेकिन युद्धरत देशों के खाड़ी क्षेत्र बंद रखे जा सकते हैं।

सैन रेमो मैनुअल, एक्सपर्ट


अधिकारी ने आगे कहा कि निर्यातकों के लिए एक समर्पित हेल्प डेस्क के साथ संयुक्त निगरानी की आवश्यकता है। आकलन के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग में आई रुकावटों से भारत पर काफी हद तक मैक्रोइकोनॉमिक दबाव पड़ने का अनुमान है, जिसकी मुख्य वजह माल ढुलाई की बढ़ी हुई लागत और कच्चे तेल की कीमतों में प्रति बैरल 3-5 डॉलर की लगातार बढ़ोतरी है।

होर्मुज में नौसैनिक युद्ध कानून कैसे होता है लागू

  • होर्मुज़ की खाड़ी का इस्तेमाल उच्च समुद्र क्षेत्रों के बीच अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए किया जाता है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इसे अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र माना जाता है। इस पानी पर तटवर्ती देशों का संप्रभुत्व होता है, लेकिन अन्य देशों के जहाजों को यहां से गुजरने का अधिकार होता है। तटवर्ती देशों को इनके मार्ग में किसी भी तरह की बाधा डालने की अनुमति नहीं है।

  • सशस्त्र संघर्ष की स्थिति में, सशस्त्र संघर्ष का कानून या अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून लागू होता है, जिसमें नौसैनिक युद्ध कानून भी शामिल है। अधिकतर देशों द्वारा 1994 में अपनाए गए सैन रेमो मैनुअल का पालन किया जाता है, जो सशस्त्र संघर्ष के समय समुद्री कानून का मार्गदर्शन करता है।

  • इस कानून के तहत, देश आमतौर पर युद्धरत और तटस्थ श्रेणी में विभाजित होते हैं। तटस्थ देशों के जहाज, यहां तक कि उनके युद्धपोत, युद्धरत जलसंधि से गुजर सकते हैं। उन्हें यह सलाह दी जाती है कि तटस्थ युद्धपोत अपनी यात्रा के बारे में सूचना दें। कानून के अनुसार, युद्धरत देशों को तटस्थ जहाजों को निशाना नहीं बनाना चाहिए।

  • होर्मुज़ की खाड़ी के ईरानी क्षेत्र को युद्धकाल में नौसैनिक युद्ध क्षेत्र माना जाता है। युद्धरत देशों के लिए तटस्थ देशों के वैध अधिकारों का सम्मान करना आवश्यक है। हालांकि, तटस्थ देशों के वाणिज्यिक जहाजों की कानूनी सुरक्षा कमजोर है, और इस कारण कई जहाज जलसंधि से गुजरने से बचते हैं।

होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से भारत पर क्या होगा असर?

  • रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का सालाना इंपोर्ट बिल 30,000-50,000 करोड़ रुपये तक बढ़ सकता है।

  • इसकी वजह से तिमाही ट्रेड डेफिसिट 5-10 अरब डॉलर तक बढ़ जाएगा।

  • वहीं होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) इन्फ्लेशन में 0.3 से 0.7 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

  • राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स लागत अस्थायी तौर पर मौजूदा 13-14% से बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 14-15% तक पहुंच सकती है।

जहाजों के लिए सरकार ने योजना का किया ऐलान

  • इस आकलन में बताया गया है कि शिपमेंट में देरी, मार्जिन में कमी और कंटेनर दरों में बढ़ोतरी के मिले-जुले असर से भारत की कुल एक्सपोर्ट ग्रोथ पर 2-4 प्रतिशत अंकों का नकारात्मक जोखिम पैदा हो गया है।

  • भारत के केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संचालित बंदरगाहों पर लगभग 70,400 TEU (20-फुट के बराबर) कंटेनर फंसे हुए हैं।

  • गुरुवार को सरकार ने एक्सपोर्ट कार्गो को सहायता देने के लिए 'रेज़िलियंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन' (RELIEF) योजना की घोषणा की।

Tags :

# International News

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts