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Bilaspur : वर्दी का रंग ऐसा की नगर भी दरबार संस्कृति के सामने चुप

Abhyuday Bharat News / Fri, May 8, 2026 / Post views : 143

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बिलासपुर। नगर सेना विभाग में पसंदीदा स्थानों पर ड्यूटी को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। नगर सैनिकों के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या अच्छी ड्यूटी पाने के लिए खुशामद और विशेष संपर्क जरूरी हो गया है। विभाग के भीतर लंबे समय से यह मुद्दा उठता रहा है कि कुछ नगर सैनिक वर्षों तक एक ही स्थान पर जमे रहते हैं, जबकि सामान्य जवानों को लगातार स्थान परिवर्तन का सामना करना पड़ता है।

जानकारों के अनुसार नगर सेना के जवानों का वेतन अब भी नियमित पुलिस सिपाहियों की तुलना में कम है। ऐसे में कई नगर सैनिक ऐसी ड्यूटी की तलाश में रहते हैं, जहां अतिरिक्त आय के अवसर अधिक हों। इसमें सबसे अधिक मांग यातायात व्यवस्था की ड्यूटी की बताई जाती है। इसके बाद सिम्स अस्पताल, जिला अस्पताल, जिला न्यायालय और उच्च न्यायालय जैसे स्थान प्राथमिकता में रहते हैं।

सूत्रों का कहना है कि कुछ नगर सैनिक न्यायालयों में लगातार ड्यूटी बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास करते हैं। विभागीय चर्चाओं में यह भी सामने आता है कि कुछ मामलों में एक ही जवान दो वर्षों से अधिक समय तक एक ही स्थान पर कार्यरत रहा है। इससे अन्य नगर सैनिकों में असंतोष बढ़ रहा है।

नगर सैनिकों का मानना है कि यदि ड्यूटी वितरण में पारदर्शिता और समान अवसर की व्यवस्था हो तो विभाग के भीतर असंतोष कम हो सकता है। हालांकि इस विषय पर खुलकर बोलने से अधिकांश जवान बचते नजर आते हैं। कारण साफ है—वर्दी का रंग चाहे कोई भी हो, “दरबार संस्कृति” के सामने आवाज उठाना आसान नहीं माना जाता।

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