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मध्य प्रदेश न्यूज : NEET के लिए 80 KM बाइक चलाकर पहुंचे चाचा-भतीजी, 3 मिनट लेट हो गए, फरिश्ता बन आए पुलिसवाले

Abhyuday Bharat News / Mon, May 4, 2026 / Post views : 154

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Neet Exam: होशंगाबाद से 80 किमी बाइक चलाकर भोपाल पहुंची NEET छात्रा विदुषी के लिए पुलिस और परीक्षा अधिकारी फरिश्ता बन गए। 3 मिनट की देरी के बावजूद उसे परीक्षा में बैठने की इजाजत देकर मिसाल पेश की गई।

भोपाल: कहते हैं कि अगर इरादे नेक हों और किस्मत साथ दे, तो बंद दरवाजे भी खुल जाते हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नीट की परीक्षा के दौरान कुछ ऐसा ही हुआ, जिसने सख्त नियमों के बीच इंसानियत की एक नई मिसाल पेश की है। दरअसल, होशंगाबाद की रहने वाली विदुषी केवट और उसके चाचा गोपीचंद कहार दोपहर 12 बजे घर से निकले थे। भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच उन्होंने करीब 82 किलोमीटर का सफर बाइक से तय किया। नेशनल हाईवे-46 पर दौड़ती बाइक जब भोपाल के रीजनल कॉलेज पहुंची, तो घड़ी में 1 बजकर 33 मिनट हो रहे थे।

सिर्फ 3 मिनट की देरी से टूट जाता सपना

नीट के नियमों के मुताबिक, दोपहर 1:30 बजे सेंटर का मुख्य गेट बंद कर दिया गया था। विदुषी सिर्फ 3 मिनट लेट थी। शुरुआत में अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए प्रवेश से मना कर दिया। विदुषी की आंखों में आंसू थे और चाचा के चेहरे पर बेबसी। उनके चाचा ने अफसरों के सामने हाथ जोड़कर विनती की, 'साहब, इस बच्ची के भविष्य के लिए हमने सब कुछ दांव पर लगा दिया है, इसे अंदर जाने दीजिए।

डॉक्टर बनने का सपना

नियमों की सख्ती के बीच अधिकारियों का दिल पसीज गया। विदुषी को दौड़कर अंदर भेजा गया। एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली विदुषी ने अंदर जाते समय अधिकारियों का आभार जताया। उसका सपना डॉक्टर बनकर मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों मेंलोगों की सेवाकरना है। विदुषी के परिवार ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं बताया।

सोशल मीडिया पर हो रही सराहना

आमतौर पर नीट जैसी परीक्षाओं में एक मिनट की देरी पर भी एंट्री नहीं दी जाती, लेकिनभोपाल पुलिसऔर एग्जाम सेंटर के स्टाफ ने जो लचीलापन दिखाया, उसकी हर तरफ सराहना हो रही है। लोग कह रहे हैं कि नियम इंसानों के लिए होते हैं, इंसानों को नियमों के लिए कुर्बान नहीं किया जाना चाहिए।

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