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: असम विधानसभा में जुमे की नमाज़ का ब्रेक ख़त्म करने पर हंगामा, हिमंत बिस्वा सरमा पर जेडीयू हमलावर

Admin / Sat, Aug 31, 2024 / Post views : 254

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ABN EXPRESS NEWS 24x7

असम विधानसभा में शुक्रवार के रोज़ जुमे की नमाज़ के लिए तीन घंटे का ब्रेक दिया जाता था, जिसे अब ख़त्म कर दिया गया है.

पहले जुमे की नमाज़ के लिए सुबह 11 बजे से 2 बजे तक सदन को स्थगित किया जाता था.

बीजेपी असम प्रदेश ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "सैदय सादुल्लाह द्वारा असम विधानसभा में जुमे की नमाज़ के लिए तीन घंटे के स्थगन के नियम को ख़ारिज कर दिया गया है. अब से सदन में जुमे की नमाज़ के लिए कोई ब्रेक नहीं हुआ करेगा."

इस पर एनडीए के घटक दल जेडीयू ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है और इसे संविधान की भावना का उल्लंघन बताया है.

वहीं बिहार के विपक्षी दल आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव और समाजवादी पार्टी ने इस फै़सले पर सवाल उठाते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है.

जेडीयू नेता नीरज कुमार ने इस फ़ैसले को संविधान की प्रस्तावना के ख़िलाफ़ बताया है

इस फ़ैसले पर सबसे पहले और सबसे तीखी प्रतिक्रिया आई केंद्र में मोदी सरकार की सहयोगी नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की.

समाचार एजेंसी एएनआई से जेडीयू के नेता नीरज कुमार ने कहा असम सरकार का फैसला निश्चित रूप से देश के संविधान की मूल प्रस्तावना के ख़िलाफ़ है. हर एक को अपनी धार्मिक मान्यताएं और परम्पराओं को जीवंत रखने का अधिकार है."

उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मैं जानना चाहता हूं कि शुक्रवार को होने वाली छुट्टी पर तो रोक लगा रहे हैं लेकिन असम में कामाख्या मंदिर में हर दिन बलि होती है, इस पर प्रतिबंध लगाकर देखिए कितना विरोध होगा."

"धार्मिक प्रथाओं पर पाबंदी लगाने का किसी को अधिकार नहीं है. उसे अपने जीने के तौर तरीके का, खाने का रहने का सबको अपना अधिकार है. इससे बेहतर होता कि वो असम में ग़रीबी ख़त्म करने, बाढ़ की समस्या दूर करने, लोगों की ज़िंदगी बेहतर करने की बात करते."

उधर, आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए ऐसा करते हैं.

उन्होंने कहा, "भाजपा के लोगों ने नफ़रत फैलाने, मोदी-शाह का ध्यान आकृष्ट करने एवं समाज में ध्रुवीकरण करने के लिए मुसलमान भाइयों को सॉफ्ट टारगेट बना लिया है. कभी वक्फ़ बोर्ड का बिल आ जाता है तो कभी सीएए एनआरसी का बिल... ये लोग समाज में नफ़रत पैदा करना चाहते हैं."

उन्होंने कहा कि 'जबतक हम लोग हैं, उनका कोई बाल बांका नहीं कर सकता.'

यूपी में मुरादाबाद से सपा नेता एसटी हसन ने कहा  "हिमंत बिस्वा सरमा जब भी बोलते हैं विष उगलते हैं और समाज में ज़हर फैलाते हैं. उनकी सारी सियासत मुस्लिम विरोध पर टिकी है."

उन्होंने कहा, "कुछ मुख्यमंत्रियों में होड़ लगी हुई है कि कौन मुसलमानों को कितना टॉर्चर करता है और केंद्र के नेताओं के क़रीब हो जाए. हिमंत खुद घोटालों में फंसे थे जब कांग्रेस में थे, उससे बचने के लिए वो ये सब करते हैं."

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