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ABN NEWS :- देश की खबर : युद्ध संकट: भारत ने तेल-गैस के लिए छोटे-छोटे देशों पर लगाया बड़ा दांव, मोदी ने 12 साल में यूं ही नहीं किए ये दौरे...

Abhyuday Bharat News / Wed, Apr 1, 2026 / Post views : 197

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अमेरिका-ईरान युद्ध से काफी पहले भारत ने संकट को भांप लिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शायद इन्हीं बातों के मद्देनजर देश की ऑयल कूटनीति के तहत कई ऐसे छोटे-छोटे देशों का दौरा किया, जो आज खाड़ी और बड़े देशों के अलावा भारत की वैकल्पिक ऊर्जा का सोर्स बन चुके हैं। तभी तो भारत ने अपना ऊर्जा आयात 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक कर लिया है।

नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान युद्ध से काफी पहले ही भारत ने आने वाले संकट को भांप लिया था। यही वजह है कि भारत ने अपने तेल-गैस के आयात को 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक कर लिया है। सबसे खास बात यह है कि भारत की ये एनर्जी डायवर्सिफिकेशन रूस-अमेरिका और खाड़ी देशों से अलग है। भारत अब अपनी एनर्जी जरूरतों के लिए बड़े देशों के साथ-साथ छोटे-छोटे देशों पर भी दांव लगा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट बाधित होने से काफी पहले ही भारत ने रणनीतिक रूप से अपने एनर्जी डायवर्सिफिकेशन में विविधता लाई है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे एनर्जी रिच देशों के दौरे किए हैं, जो आज भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मददगार बन रहे हैं। वेडनेसडे बिग टिकट में जानते हैं पूरी कहानी।

भारत ने क्या पहले ही भांप लिया था एनर्जी संकट?

  • भारत अपनी कुल तेल की जरूरत का करीब 90 फीसदी आयात करता है। इस वक्त करीब 41 देशों से कच्चा तेल मंगा रहा है। भारत ने काफी पहले से ही वैश्विक हालातों का अंदाजा लगाते हुए महीनों पहले ही अपनी एनर्जी जरूरतों के लिए किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय कई देशों पर भरोसा जताया। इसी कड़ी में छोटे-छोटे देशों से भी तेल-गैस की खरीद के लिए समझौते किए।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ओमान, अल्जीरिया, अंगोला, अर्जेंटीना जैसे देशों तक अपनी एनर्जी जरूरत को पूरा करने के लिए दौरे-मुलाकातें कीं। लोकसभा में भी पीएम मोदी ने भारत के एनर्जी डायवर्सिफिकेशन के बारे में जानकारी दी थी।

पीएम मोदी ने किए थे एनर्जी रिच देशों के दौरे

  • पीएम मोदी ने 2016 से लेकर 2025 के दौरान सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, ईरान और ओमान के दौरे किए थे, जो भारत की तेल-गैस की आपूर्ति के लिए लाइफलाइन देश हैं।

  • वहीं, पीएम मोदी ने 2014 से लेकर 2025 के दौरान ब्राजील, अर्जेंटीना और गुयाना जैसे दक्षिण अमेरिकी देशों का दौरा किया था, जो भारत की एनर्जी जरूरत का विकल्प बन चुके हैं।

  • पीएम मोदी ने बीते 12 साल में अफ्रीकी देश नाइजीरिया, मोजांबिक और घाना का दौरा किया था। इसके अलावा रूस, कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, मलेशिया और ब्रुनेई का भी बीते दस वर्षों में पीएम मोदी ने दौरा किया। ये देश तेल और गैस के सोर्स हैं।

रूस और सऊदी अरब से काफी तेल मंगाता है भारत

  • भारत ने इस वक्त रूस से अपने कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ा दी है। फरवरी, 2026 के आंकड़ों के अनुसार, रूस से भारत अब हर दिन 10 लाख बैरल से ज्यादा कच्चा तेल आयात कर रहा है।

  • रूसी तेल से भारत को इस संकट से पार पाने में काफी मदद मिल रही है। सऊदी अरब भारत का अब भी दूसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश बना हुआ है। यहां से भी भारत हर रोज करीब 10 लाख बैरल कच्चा तेल मंगाता है।

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