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ABN NEWS :- देश दुनिया : 'हम पाकिस्तान को भरोसेमंद नहीं मानते'...इजरायल ने जताया संदेह तो ईरान बोला-भारतीय बहुत अच्छे, सबको क्यों याद आ रहा भारत?

Abhyuday Bharat News / Thu, Apr 9, 2026 / Post views : 162

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अमेरिका-ईरान सीजफायर की 24 घंटे के भीतर ही पोल खुल गई। खाड़ी में लेबनान पर इजरायली हमले से तनाव बढ़ गया है। वहीं, उधर अमेरिका ने भी ईरान को एक नई चेतावनी दे डाली है। इस बीच इजरायल ने पाकिस्तान पर भरोसा नहीं जताया है, वहीं भारत में ईरान के प्रतिनिधि ने भी भारत और भारतीयों को अच्छा बताया है।

नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर को लेकर 24 घंटे भी नहीं बीते कि पाकिस्तान की मध्यस्थता की पोल खुल गई है। खाड़ी में तनाव और बढ़ गया है। दरअसल, इजरायल ने लेबनान पर बड़े हमले किए हैं। इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी और कहा है कि इजरायल ने सीजफायर का उल्लंघन किया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को एक पोस्ट में कहा है कि पूर्ण समझौता नहीं हुआ तो हमले और ज्यादा तेज होंगे। पूर्ण समझौते तक हमारे सैनिक, युद्धपोत खाड़ी में मौजूद रहेंगे। होर्मुज सुरक्षित और खुला रहेगा। दरअसल, सीजफायर के पक्षकारों ने पाकिस्तान पर संदेह जता दिया। इजरायल ने जहां सीधे कह दिया कि पाकिस्तान विश्वसनीय प्लेयर नहीं है। जबकि भारत में ईरानी प्रतिनिधि ने कह दिया कि भारत और भारतीय बहुत अच्छे हैं। ईरानी प्रतिनिधि तो पाकिस्तान का नाम लेने से भी बचते दिखे। एक्सपर्ट भी पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

इजरायल के राजदूत बोले-पाकिस्तान पर भरोसा नहीं

भारत में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने कहा-हम पाकिस्तान को भरोसेमंद खिलाड़ी नहीं मानते हैं। मेरा मानना है कि अमेरिका ने अपनी वजहों से पाकिस्तान की सुविधा का इस्तेमाल किया है।

कतर-तुर्की को मैनेज करने में अमेरिका के हित हैं

  • रुवेन अजार ने कहा कि हमने पहले भी देखा है कि अमेरिका ने कैसे समस्या खड़ी करने वाले देशों कतर और तुर्की को भी मैनेज किया। अमेरिका ने हमास से समझौते कराने के फायदे के लिए इन देशों का इस्तेमाल किया।

  • अजार ने कहा-हमारे लिए यह बेहद अहम है कि हम अमेरिका के साथ तालमेल बिठाए रखें। वह भी जब बात किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने की हो और जो हम देखना चाहते हैं।


इलाही बोले-पीएम और विदेश मंत्री ने कई बार बात की

वहीं, अमेरिका-ईरान युद्ध में भारत की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. माजिद हकीम इलाही ने कहा कि हमारे राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन या इससे ज्यादा बार बात की। यह बहुत अच्छा था। कई बार भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी ईरान के विदेश मंत्री अराघची से भी बात की।

भारतीय बहुत अच्छे लोग, बयां नहीं कर सकता

इलाही ने कहा-भारत में हमारे भाई-बहनों के बारे में मैं बयां नहीं कर सकता। मैं जब भी उनको याद करता हूं तो भावुक हो जाता हूं। वे अभूतपूर्व हैं। मैं इन अच्छे लोगों की वॅल्यु को शब्दों में बया नहीं कर सकता है। मैं भारत में अपने सभी खूबसूरत भाइयों-बहनों को बधाई देता हूं। वो असाधारण लोग हैं।

भारत ने कभी दूसरे देश के मामलों में दखल नहीं दिया

एक एक्सपर्ट ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा-भारत ने कभी भी देश के मामलों में दखल नहीं दिया है।वह पाकिस्तान के मामले में भी किसी तीसरे का दखल बर्दाश्त नहीं करता रहा है।

भारत बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाता है

एक्सपर्ट ने कहा-भारत ने कभी रूस-यूक्रेन संघर्ष में मध्यस्थता नहीं की।वह हमेशा से दोनों पक्षों के साथ संपर्क में रहा है। भारत ने इसी तरह अमेरिका-ईरान युद्ध से भी दूरी बनाए रखी। हालांकि, उसने लगातार दोनों पक्षों से बात की। उसका मानना है कि सीधे बातचीत और कूटनीति से मसले सुलझाए जा सकते हैं।

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# International News

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