Wed, 13 May 2026
Logo

ब्रेकिंग

पीएम मोदी की अपील के बाद एक्शन में छत्तीसगढ़ सरकार, CM साय बोले- कारकेड घटाएंगे, EV को देंगे बढ़ावा

भोपाल में मुस्लिम युवक की पिटाई के बाद उबले समाज के लोग, आधी रात को ताजुल मस्जिद के पास प्रदर्शन, धारा-144 लागू

होर्मुज संकट के बीच एक्शन में एस. जयशंकर, नई दिल्ली में ईरान के विदेश मंत्री अराघची से इन मुद्दों पर बात

सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं से मजबूत हुआ रोजगार का आधार : मुख्यमंत्री साय….

साइकिल से दफ्तर पहुंचे एसपी और एएसपी

बीजापुर में तेंदूपत्ता संग्रहण का आगाज

कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत खपरी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट की दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत

गेंदा की खेती से बढ़ी आय और बनी नई पहचान

'माफी से काम नहीं चलेगा', ब्राह्मणों पर बयान देकर फंसे राजकुमार भाटी, अजय राय की मांग- एक्शन लें अखिलेश यादव

कुछ लोग कारोबार में नुकसान से दुखी हो जाते हैं, प्रतीक की मौत पर अखिलेश ने किया ये क्या इशारा?

सूचना

: आयुर्वेद महाविद्यालय कर रहा लोगों का प्रकृति परीक्षण, अब तक 7 हजार व्यक्ति करा चुके परीक्षण

Admin / Fri, Dec 13, 2024 / Post views : 192

Share:
ABN EXPRESS NEWS 24x7

बिलासपुर, आयुष मंत्रालय भारत सरकार एवं नेशनल कमीशन फार इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में "देश का प्रकृति परीक्षण' कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का देशव्यापी प्रभाव देखा जा रहा है। वर्तमान समय में हजारों आयुष वालंटियर ने लाखों नागरिको का प्रकृति परीक्षण कर लिया है। बिलासपुर शहर में भी यह कार्यक्रम शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय बिलासपुर द्वारा चलाया जा रहा है। बिलासपुर के विभिन्न प्रतिष्ठा पूर्ण संस्थानों में महाविद्यालय की टीमों ने प्रकृति परीक्षण किये है। गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के स्टाफ, सी एम् डी कालेज, बिलासा गर्ल्स कालेज, महिला आई टी आई, एल सी आई टी कालेज, शासकीय नर्सिंग कालेज, डी पी विप्र कालेज इत्यादि विभिन्न संस्थानों एवं स्थानों में महाविद्यालय की टीम प्रकृति परीक्षण कर रही है। महाविद्यालय की 35 टीमे पिछले 16 दिन से 7000 लोगों का प्रकृति परीक्षण कर चुकी है और औसतन डेढ़ से दो हजार व्यक्तियों के प्रकृति परीक्षण कर के टीमे उन्हें उनके शरीर के अनुसार सलाह देती है। संस्था के प्राचार्य डा. रक्षपाल गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति की प्रकृति दूसरे व्यक्ति से भिन्न होती है। उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति के आहार विहार की प्राथमिकता और उन्हें होने वाले रोग भी एक दूसरे से भिन्न होते है। यही जानकारी व्यक्ति को उनके प्रकृति परीक्षण से प्राप्त होती है। इसका परीक्षण आयर्वेद वालंटियर नेशनल कमीशन ऑन इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन के प्रकृति परीक्षण के एप से करता है। स्मार्ट फोन में एप, नागरिक और वालंटियर दोनों को इंस्टाल करना होता है। वेरिफिकेशन के उपरांत वालंटियर प्रश्नों के माध्यम से प्रकृति परीक्षण करता है। इच्छुक नागरिक अपना प्रकृति परीक्षण नूतन कालोनी स्थित महाविद्यालय चिकित्सालय में आकर करवा सकते हैं तथा चिकित्सीय सलाह एवं औषधियां प्राप्त कर सकते हैं। आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रक्षपाल गुप्ता ने शरीर की जानकारी के लिए प्रकृति परीक्षण कराने की अपील की है।

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts