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छत्तीसगढ़ न्यूज़ : कोरबा में राखड़ बांधों की खतरनाक हकीकत: ओवरफ्लो का खतरा, हसदेव नदी पर मंडरा रहा संकट...

Abhyuday Bharat News / Tue, Apr 21, 2026 / Post views : 153

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के पावर हब कोरबा में राखड़ बांधों की स्थिति अब चिंताजनक होती जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल (CSEB) के HTPP प्लांट से जुड़े डिंडोलभांटा और झाबू राखड़ बांधों में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि यहां राख रखने की जगह तक नहीं बची है। स्थिति को संभालने के बजाय जिम्मेदार अधिकारी अस्थायी मेंड बनाकर जुगाड़ के सहारे किसी तरह राख भरने में जुटे हैं।

सूत्रों के अनुसार हर साल इन बांधों से राख निकालने और रखरखाव के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। कागजों में सफाई और मेंटेनेंस के दावे किए जा रहे हैं, जबकि मौके पर बांध ओवरफ्लो की स्थिति में हैं। इससे बोगस बिल और फर्जी कार्यों के जरिए बड़े स्तर पर घोटाले की आशंका जताई जा रही है।

मौजूदा स्थिति यह है कि अधिकांश राखड़ बांधों में महज 2 से 3 महीने की ही क्षमता बची है। इसके बावजूद वर्षों से एक ही अधिकारियों की तैनाती कई सवाल खड़े कर रही है। लंबे समय तक एक ही जगह पदस्थ रहने से सिस्टम कमजोर पड़ा है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है।

सबसे गंभीर चिंता हसदेव नदी को लेकर है, जो कोरबा, जांजगीर-चांपा और सक्ती जिलों के किसानों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है। यदि राख और प्रदूषित पानी नदी में मिला, तो खेती-किसानी पर गहरा असर पड़ सकता है। साथ ही मवेशियों के लिए भी यह पानी जहरीला साबित हो सकता है।

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#CG NEWS

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