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रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री शाकाहारी हैं। यह घटना तब सामने आई जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को झाड़ग्राम में अपने चुनावी अभियान के दौरान एक सड़क किनारे की साधारण सी दुकान से झालमुड़ी खरीदने के लिए रुके। इस घटना ने कड़े मुकाबले वाले चुनावों में एक नया रंग भर दिया, जिस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे ‘नाटक’ करार दिया।उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक दिखावा था। उन्होंने जो झालमुड़ी खाई, वह दुकानदार ने नहीं बनाई थी।’ उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह नाश्ता एसपीजी (विशेष सुरक्षा समूह) द्वारा तैयार किया गया हो सकता है, जो प्रधानमंत्री को सुरक्षा प्रदान करने वाला बल है। जहां टीएमसी प्रमुख पीएम के झालमुड़ी खाने की घटना की सहजता पर सवाल उठा रही हैं, वहीं भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि मोदी का यह नाश्ता खरीदना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों पर असर डालेगा। ठाकुर ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री बनर्जी ने पिछले 15 वर्षों में छोटे व्यापारियों तक पहुंचने का ऐसा कोई प्रयास किया है।
बीजेपी नेताओं ने टीएमसी के उन आरोपों का जोरदार खंडन किया है कि अगर भाजपा चुनाव जीतती है तो वह लोगों की खान-पान की आदतों पर प्रतिबंध लगा देगी। उनका कहना है कि बंगाल के मछली प्रेमी लोग जो चाहें खा सकते हैं। यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने यह भी कहा कि उन्होंने महिलाओं के लिए लक्ष्मी भंडार भत्ता बढ़ाकर 1,500 रुपये करने का अपना वादा पूरा किया है। उन्होंने पूछा कि अगर मैं (राज्य के) बजट में ऐसा कर सकती हूं, तो प्रधानमंत्री ने देश की महिलाओं के लिए ऐसा क्यों नहीं किया? उन्होंने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ‘मातृ शक्ति’ योजना के तहत महिलाओं को 3,000 रुपये प्रति माह देने के वादे पर प्रधानमंत्री की आलोचना की। अपने वादों को पूरा करने की बात पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने भाजपा पर चुनाव से पहले झूठे वादे करने का आरोप लगाया।(एजेंसी इनपुट के अनुसार)
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