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महाराष्ट्र :- पुणे न्यूज : 4 घंटे गाली..मिस इंडिया अर्थ 2019 सायली सुर्वे ने हिंदू धर्म में की वापसी, पति पर लगाए लव जिहाद जैसे आरोप...

Abhyuday Bharat News / Tue, Mar 10, 2026 / Post views : 225

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पूर्व मिस इंडिया अर्थ 2019 विजेता सायली सुर्वे ने अपने वैवाहिक जीवन में झेले गए वर्षों के दर्द और दुर्व्यवहार के बारे में खुलकर बात की है। मीडिया से भावुक होकर बात करते हुए सर्वे ने बताया कि कैसे प्यार से शुरू हुआ रिश्ता धीरे-धीरे उनके और उनके बच्चों के लिए असहनीय हो गया। उन्होंने तंग आकर फिर से हिंदू धर्म अपना लिया है।

पुणे : मिस इंडिया अर्थ 2019 की विजेता सायली सुर्वे ने हिंदू धर्म में वापसी कर ली है। पुणे के पिंपरी-चिंचवाड़ की रहने वाली सायली सुर्वे मुंबई में रहती हैं। वह पुणे पहुंची और यहां पूजा-पाठ और हवन के बीच हिंदू धर्म अपना लिया। सायली सुर्वे ने अपने परिवार के कड़े विरोध के बावजूद मीरा-भाईंदर के मुस्लिम कारोबारी आतिफ तासे (Aatif Tase) से लव मैरेज की थी। उसके लिए उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया था और फिर निकाह किया था। इस्लाम धर्म कुबूल करने के बाद उनका नाम 'अतेज़ा तासे' रखा गया था।

ABN EXPRESS NEWS से बात करते हुए सायली ने इस शादी को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद ही उनका शोषण शुरू हो गया था। सायली ने बताया कि उनके चार बच्चे हैं, जिनकी वजह से उन्होंने कई साल तक हालात सहन किए।

2019 में सायली ने की थी शादी

सायली सुर्वे के चार बचे हैं। उन्होंने अब अपना नाम बदलकर आद्या सुर्वे रख लिया है। अपने मुश्किल वैवाहिक जीवन के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि एक कॉमन फ्रेंड के जरिए मुलाकात के बाद उन्होंने 2019 में कारोबारी आतिफ तासे से प्रेम विवाह किया था। परिवार के विरोध के बावजूद उन्होंने उनकी इच्छा के विरुद्ध उनसे शादी की, जिस फैसले पर अब उन्हें पछतावा है।

धर्म परिवर्तन कराकर आतिफ ने की थी शादी

सायली ने कहा, 'मुझे धर्म परिवर्तन करना पड़ा, क्योंकि निकाह करना जरूरी था और धर्म परिवर्तन होना भी जरूरी था। पहली प्रक्रिया हुई, उसके बाद मैं वहीं रह गई। जब आप 24 घंटे एक इंसान के साथ रह रहे हों, तो आपको उसकी आदतें समझ आती हैं और उसके बैकग्राउंड का भी अंदाज़ा होता है।'

चार बच्चों की मां बनीं, सहती रहीं प्रताड़ना

सायली ने कहा कि उन्होंने कई बार शादी छोड़ने के बारे में सोचा था, लेकिन अक्सर उन्हें धोखा दिया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने बच्चों के बारे में सोचते हुए शादी के लिए कई मौके दिए, लेकिन एक समय के बाद वह दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं कर सकीं। जब आपको 24 घंटे गलियों के अलावा कुछ सुनने को नहीं मिलता, और बिना किसी गलती के मार-पीट होती है, तो जो चीजें आपके लिए पहले नॉर्मल नहीं होतीं, वो धीरे-धीरे नॉर्मलाइज हो जाती हैं।

बच्चों के भविष्य के लिए हिंदू धर्म में की वापसी

सायली ने कहा कि चूंकि उनके बच्चे अब बड़े हो रहे हैं, इसलिए वह नहीं चाहती थीं कि वे इस स्थिति को देखें और इसके सदमे को जीवन भर झेलते रहें, यही वजह है कि उन्होंने यह कठोर कदम उठाया। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से लव जिहाद का मामला है। कई लोग मन करते हैं और बोलते हैं कि जब मैंने खुद ये किया था, तो आज क्या बोलना। जब मैंने ये फैसला लिया था, तब इतनी समझ नहीं थी। मैं भरोसे में, उन्हें एक अच्छा इंसान समझ कर गई थी। ये सारी चीज़े इस धर्म में ज़रूर होती हैं।

जबरन पढ़वाई जाती थी नमाज

उन्होंने कहा कि उन्हें कभी किसी धर्म की बुराई करना पसंद नहीं था और जन्म से हिंदू होने के नाते, उन्होंने बचपन से सीखी बातों के आधार पर लंबे समय तक इन सब बातों का पालन करने की कोशिश की। बाद में, जब इसका खुलेआम विरोध हुआ, तो उन्हें रुकना पड़ा। धीरे-धीरे, उन्होंने कहा कि उन्हें यह दिखाया गया कि अन्य धर्मों में इस्लाम जैसी कोई बात नहीं है, और उन्हें नमाज़ पढ़ने का तरीका सिखाया गया, जिसे उन्होंने अदा भी किया।

बच्चों के भी बदले नाम

सायली ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों के नाम भी बदल दिए हैं ताकि उन्हें अपने धर्म के बारे में पता रहे। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कई FIR दर्ज कराई हैं और दो दिनों में अपना बयान दर्ज कराएंगी। अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता के कारण, वह मुंबई नहीं जा सकीं, लेकिन उन्होंने कहा कि पुलिस उनकी मदद कर रही है और इसके बजाय पुणे आएगी।

भावुक होते हुए उन्होंने आगे कहा कि उनके पास बताने के लिए बहुत कुछ है और सबूत भी हैं, लेकिन इतना नीच काम करना उनके संस्कारों में नहीं है। उन्होंने ऐसी ही परिस्थितियों से गुजर रही महिलाओं से आगे आने का आग्रह किया।

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