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मनोरंजन न्यूज़ : Shekhar Suman के सहयोगी Dharmesh Sangani के ठिकानों पर ईडी का छापा, सबूत मिटाने 13वीं मंजिल से फेंका फोन …

Abhyuday Bharat News / Sat, Jul 11, 2026 / Post views : 82

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ईडी ने शुक्रवार को एक्टर शेखर सुमन (Shekhar Suman) के सहयोगी धर्मेश संघानी (Dharmesh Sangani) के ठिकानों पर छापा लियाा है. यह कार्रवाई बिना जानकारी वाली विदेशी संपत्ति और संदिग्ध क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन को लेकर की गई है. कनाडा, अमेरिका और यूएई में विदेशी बैंक अकाउंट चलाने के आरोपों के कारण ईडी की जांच के दायरे में आए हैं. दरअसल, संघानी एक कंपनी ‘कलानी इम्पेक्स’ चलाते हैं. उनकी फिल्म प्रोडक्शन में हिस्सेदारी मानी जाती है और वह शेखर सुमन के करीबी सहयोगी हैं.

जांच के दायरे में आई शेखर सुमन की फिल्म एकेडमी

मीडिया के मुताबिक एक अधिकारी ने कहा कि ‘शेखर सुमन फिल्म एकेडमी’ से धर्मेश संघानी के संबंधों की भी जांच की जा रही है. खबर है कि वे इस संस्थान के को-फाउंडर हो सकते हैं. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ईडी ने ‘कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड’ और इसके एक्टिव डायरेक्टर संघानी पर फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट, 1999 (फेमा) के प्रावधानों के तहत छापे की कार्रवाई की थी. छापा के दौरान यह पता चला कि जो पैसा भारत में आना चाहिए था, वह काफी समय बीत जाने के बाद भी भारत नहीं आ पाया है।

विदेशी संपत्ति और बैंक अकाउंट से जुड़े मिले सबूत

जांच एजेंसी ने कहा- ‘कुछ विदेशी खरीदारों से एक्सपोर्ट से मिलने वाली रकम नहीं मिली थी. न ही अधिकृत डीलर बैंक से समय बढ़ाने की अनुमति ली गई थी. रकम की वसूली के लिए कोई दस्तावेजी कोशिश भी नहीं की गई थी.’ ईडी की जांच में पता चला कि एक्सपोर्ट इनवॉइस या शिपिंग बिल में बताए गए कंसाइनी (माल पाने वाले) या खरीदार के अलावा किसी तीसरी पार्टी से एक्सपोर्ट से जुड़ी रकम मिली थी.

ईडी ने कहा- ‘कार्रवाई के दौरान बिना जानकारी वाली विदेशी संपत्ति और विदेशी बैंक अकाउंट से जुड़े सबूत भी मिले. उदाहरण के लिए धर्मेश संघानी की एक ऐसी कनाडाई कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी पाई गई, जिसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी. संबंधित विदेशी बैंक अकाउंट और उससे जुड़े ट्रांजेक्शन की जानकारी भी सही अधिकारियों को नहीं दी गई थी. एक और मामले में, यूएई की एक ऐसी बिजनेस एंटिटी की पहचान की गई है, जिसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी. अभी तक कनाडा, यूएस और यूएई में बिना जानकारी वाले विदेशी बैंक अकाउंट की पहचान की गई है.’

धर्मेश संगानी ने डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश की

ईडी का आरोप यह भी है कि छापेमारी के दौरान धर्मेश संघानी (Dharmesh Sangani) ने डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश किया है. अधिकारियों के बताया, जब ईडी की टीम उनके ठिकाने पर पहुंची तो उन्होंने 13वीं मंजिल से अपना मोबाइल फोन नीचे फेंक दिया. इस मामले की शिकायत मुंबई पुलिस से भी की गई है।

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