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Abhyuday Bharat News / Mon, Apr 27, 2026 / Post views : 4
मुख्य सचिव अनुराग जैन के नेतृत्व में बनी रणनीति के तहत एमपी पुलिस की 20 टीमों ने बंगाल के सरकारी दफ्तरों की खाक छानी। जांच में पाया गया कि सिर्फ 19 लोगों के दस्तावेज फर्जी थे, जिन्हें तुरंत बीएसएफ को सौंपकर सीमा पार भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। बाकी 3,259 लोगों को बंगाल ने अपना माना, लेकिन एमपी पुलिस के अधिकारियों का तर्क है कि संभव है कि घुसपैठियों ने बंगाल पहुंचकर वहां से फर्जी तरीके से असली दस्तावेज बनवा लिए हों।
बंगाल सरकार ने दस्तावेज वैध बताए हैं, लेकिन हम इसे अंतिम नहीं मान रहे। आशंका है कि घुसपैठियों ने फर्जी तरीके से दस्तावेज हासिल किए हों। संदेह होने पर हम दोबारा सत्यापन कराएंगे।
गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी
यह पूरा अभियान जून 2025 में केंद्र के निर्देश के बाद शुरू हुआ था। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश थे कि वे अपने इलाकों में संदिग्धों की भाषा, काम करने के तरीके और रहन-सहन के आधार पर उन्हें चिह्नित करें। इसी आधार पर 3,278 लोगों की लिस्ट तैयार हुई थी। अब गृह विभाग का कहना है कि सत्यापन एक सतत प्रक्रिया है और संदेह होने परदोबारा जांचकराई जा सकती है।
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# International News
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