Wed, 29 Jul 2026
Logo

ब्रेकिंग

Paytm Payments Bank को दिल्ली हाईकोर्ट ने हमेशा के लिए बंद करने का दिया आदेश, RBI से पहले ही मिला है झटका

यूपी पुलिस में बड़ा फेरबदल, लखनऊ को मिला नया पुलिस कमिश्नर

WTC 2027 फाइनल की रेस में टीम इंडिया, श्रीलंका के खिलाफ जीत क्यों है अहम? जानिए पूरा समीकरण

नए शिक्षामंत्री पर प्रियंका गांधी के बयान पर हंगामा, रिजिजू बोले- चरित्र हनन किया, माफ़ी मांगे

कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर को ‘महतारी वंदन वसूली योजना’ का दिया नाम....

IND vs ZIM 3rd T20I: भारत ने तीसरे टी20 में जिम्बाब्वे को 35 रन से हराया, सीरीज 3-0 से की क्लीन स्वीप

Indian Idol 16 Winner : Jyotirmayee Nayak बनीं ‘इंडियन आइडल 16’ की विजेता, ट्रॉफी के साथ जीता लाखों का कैश प्राइज

वाराणसी के स्कूल में मासूम संग हैवानियत! टॉयलेट करने पर नर्सरी छात्र का प्राइवेट पार्ट गर्म चाकू से जलाने का आरोप

CJP आंदोलन का असर देख नेपाल सरकार के हाथ-पांव फूले, त्रिभुवन यूनिवर्सिटी पेपर लीक मामले पर दी सफाई

फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर अरबों की ठगी ! 10 राज्यों से छत्तीसगढ़ पहुंचे 100 से अधिक निवेशक....

सूचना

ABN NEWS :- देश दुनिया : भारत संग 'पीढ़ियों की सबसे बड़ी' फ्री ट्रेड डील, न्‍यूजीलैंड में 'बटर चिकन' पर क्यों मचा है नस्‍लीय बवाल? जानें

Abhyuday Bharat News / Mon, Apr 27, 2026 / Post views : 125

Share:

भारत और न्यूजीलैंड ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मकसद अगले 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 5 अरब डॉलर से आगे ले जाना है।

वेलिंग्टन: न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने रविवार को कहा कि न्यूजीलैंड सोमवार को भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) करेगा। उन्होंने इसे "एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता" बताया है। उन्होंने कहा है कि इस मुक्त व्यापार समझौते से न्यूजीलैंड के निर्यातकों को दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक तक पहुंच मिलेगी। न्यूजीलैंड के पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने कहा है "न्यूजीलैंड का भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता सोमवार रात को होगा।" इसमें उन्होंने इस समझौते से होने वाले संभावित फायदों के बारे में बताया गया था।

हालांकि न्यूजीलैंड के कुछ नेता भारत से होने वाले इस ट्रेड डील का विरोध कर रहे हैं। न्यूजीलैंड के मंत्री शेन जोन्स ने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को "बटर चिकन सुनामी" कहा है जिससे नस्लीय टिप्पणी का विवाद उत्पन्न हो गया है। उनकी टिप्पणी को विपक्षी पार्टी और सामुदायिक नेताओं ने अपमानजनक बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने ये टिप्पणी प्रवासन के खिलाफ की है जबकि प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने उनकी टिप्पणी को गैर जरूरी बताया है। हालांकि मंत्री ने माफी मांगने से इनकार कर दिया है।

न्यूजीलैंड में 'बटर चिकन' को लेकर छिड़ा विवाद

न्यूजीलैंड के सांसद कार्लोस चुंग ने मंत्री शेन जोन्स की टिप्पणी को नस्लीय बताया है और कहा कि उन्होंने उन भारतीय और प्रवासी समुदायों के सदस्यों को नाराज किया है जिनका वे प्रतिनिधित्व करते हैं। RNZ न्यूज के मुताबिक उन्होंने कहा "कोई भी नस्लवादी टिप्पणी अस्वीकार्य है खासकर मेरे जैसे प्रवासी के लिए... मैं इसे दूसरों की तुलना में ज़्यादा महसूस करता हूं।" उन्होंने आगे कहा "मुझे लगता है कि यह नस्लवादी है इसीलिए हम अपने भारतीय समुदाय... अपने प्रवासी समुदाय के साथ खड़े होना चाहते हैं।" हालांकि प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि ये टिप्पणियां अस्वीकार्य हैं लेकिन उन्होंने इन्हें नस्लवादी नहीं कहा।

वहीं ACT पार्टी के नेता डेविड सेमोर ने मंत्री शेन जोन्स के लहजे की आलोचना करते हुए इन टिप्पणियों को "सचमुच बेकार जोक्स" कहा। उन्होंने कहा "उन्हें अपना तरीका सुधारना होगा क्योंकि अगर चुनाव में हमें छह महीने तक यही सब झेलना पड़ा तो यह बहुत ही उबाऊ और झुंझलाहट भरा हो जाएगा।" सेमोर ने आगे कहा कि आप्रवासन बहस का एक वैध मुद्दा है लेकिन लोगों के खान-पान की पसंद के आधार पर उनका मजाक उड़ाने से बहस में कोई सार्थकता नहीं जुड़ती। इसके अलावा ACT के सांसद परमजीत परमार ने कहा कि इस वाक्यांश का इस्तेमाल डर पैदा करने और ध्यान खींचने के लिए किया गया था जबकि उन्होंने रोजमर्रा के जीवन में प्रवासियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

भारत और न्यूजीलैंड में आज ट्रेड डील पर हस्ताक्षर

भारत और न्यूजीलैंड ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मकसद अगले 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 5 अरब डॉलर से आगे ले जाना है। इस डील के बाद न्यूजीलैंड भारतीय उत्पादों (जैसे कपड़ा, चमड़ा, कालीन, वाहन पुर्जे और दवाइयां) को अपने बाजार में 100% शुल्क-मुक्त प्रवेश देगा। बदले में भारत न्यूजीलैंड के 95% उत्पादों (जैसे ऊन, लकड़ी, कोयला, चेरी और एवोकैडो) पर आयात शुल्क को या तो खत्म कर देगा या काफी कम कर देगा। इसके अलावा न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत के विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा

Tags :

# International News

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts