Fri, 05 Jun 2026
Logo

ब्रेकिंग

S400 क्या कम था जो भारत ने दे डाली को एक और टेंशन, इस घातक 'अस्त्र' की जद में आएगा आधा पाकिस्तान!

सोनिया गांधी-शशि थरूर पर ललित मोदी का सनसनीखेज खुलासा, IPL फ्रेंचाइजी कोच्चि टस्कर्स का 16 साल पुराना सीक्रेट खोला

आवारा कुत्ते के लिए भिड़े ब्राजील और मेक्सिको; दोनों ने इसे अपना बताया, 300 नस्लों से मिलकर बना ‘कैरामेलो डॉग’ title

तेल संकट के बीच मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ATF के के दाम स्थिर करने लिए 10000 करोड़ के फंड का किया ऐलान

BIG BREAKING: आमिर खान 5 जुलाई को एक निजी समारोह में करेंगे शादी…

प्रदेश में बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट

NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज, दीपक बैज ने की पुलिस कार्रवाई की निंदा,

छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव 2026 के परिणाम घोषित: 5 में से 3 में भाजपा ने लहराया परचम, 2 नगर पंचायत में कांग्रेस का कब्जा

आज के बाद इस दुनिया में नहीं दिखेगी आपकी बहन… सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इंफ्लुएंसर अनीता बिश्नोई ने खाया जहर...

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति 5 दिन की भारतीय दौरे पर, पीएम मोदी से हैदराबाद हाउस में होगी मुलाकात

सूचना

: अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई की गई,कलेक्टर अवनीश शरण ने इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

Admin / Sat, Jul 20, 2024 / Post views : 200

Share:
बिलासपुर-  ब्लॉक मुख्यालय कोटा में कल देर रात दो और अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई की गई। जांच के बाद दोनों क्लीनिक सील कर दिए गए। इसमें कोटा में संचालित विश्वास क्लीनिक और दूसरा मरावी क्लीनिक है। मरावी क्लीनिक का संचालक देवशंकर मरावी है जो कि शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोटा में क्लर्क पद पर कार्यरत है। कल दिन में गुप्ता क्लीनिक और चिरंजीत विश्वास क्लीनिक के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। कलेक्टर अवनीश शरण ने इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रखने के निर्देश दिए हैं। कोटा एसडीएम युगल किशोर उर्वशा के नेतृत्व में राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापामार शैली में दबिश देकर कार्रवाई की। कोटा में गुरु द्वारा के पीछे में संचालित मरावी क्लिनिक और महाशक्ति चौक में संचालित विश्वास क्लिनिक की जांच की गई। दोनों ही क्लिनिक में भारी मात्रा में एलोपैथी दवाईयां और इंजेक्शन पाया गया । मौके पर जांच के दौरान मरीजों की लंबी कतार देखी गई।विश्वास क्लिनिक में इलाज कराने आए धनरास के ग्रामीण विशंभर सिंह को कुल 713 रुपए की दवाई देकर कुल 1300 रूपए वसूला गया। जिसे तहसीलदार द्वारा वापस कराया गया । इसी प्रकार मरावी क्लिनिक के संचालक देवशंकर मरावी हैं, जो शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटा में क्लर्क के रूप में पदस्थ हैं । इनके द्वारा भी भारी मात्रा में एलोपैथी दवाईयां रखकर इलाज किया जा रहा था।बिना डिग्री के इलाज और भारी मात्रा में भंडारित एलोपैथी दवाइयों और इंजेक्शन के कारण उक्त दोनों क्लीनिक को तहसीलदार कोटा द्वारा सील किया गया। उक्त सम्पूर्ण कार्यवाही तहसीलदार कोटा और कोटवारों की संयुक्त टीम द्वारा देर रात की गई।

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts