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ABN NEWS :- देश दुनिया : S400 क्या कम था जो भारत ने दे डाली को एक और टेंशन, इस घातक 'अस्त्र' की जद में आएगा आधा पाकिस्तान!

Abhyuday Bharat News / Thu, Jun 4, 2026 / Post views : 150

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भारत के करीबी दोस्त रूस ने S-400 'सुदर्शन चक्र' एयर डिफेंस सिस्टम की चौथी रेजिमेंट की खेप भारतीय वायुसेना को सौंप दी है। वहीं अस्त्र Mk1 मिसाइल की मारक क्षमता में भी बढ़ोतरी की जा रही है। ऐसे में पाकिस्तान में मुनीर-शहबाज की टेंशन बढ़ गई है।

नई दिल्ली: भारत लगातार अपनी हवाई सुरक्षा और हमला करने की क्षमता को बढ़ा रहा है। नई दिल्ली ने एक तरफ अपनी घातक अस्त्र Mk1 मिसाइल की मारक क्षमता को 110 किलोमीटर से बढ़ाकर 160 किलोमीटर करने की तैयारी शुरू कर दी है, वहीं दूसरी ओर भारतीय वायुसेना को रूस निर्मित S-400 ' सुदर्शन चक्र ' एयर डिफेंस सिस्टम की चौथी रेजिमेंट भी भारत को मिल गई है। ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीब व सेना प्रमुख असीम मुनीर की टेंशन बढ़ गई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भाारत अपनी स्वदेश निर्मित अस्त्र मिसाइल को अपग्रेड करने की तैयारी कर रहा है। अपग्रेडेड अस्त्र मिसाइल को भविष्य में ड्रोन, UCAV, सुखोई 30MKI और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों पर तैनात करने की योजना है। इसका मतलब है कि भारतीय वायुसेना और भविष्य के मानव रहित लड़ाकू प्लेटफॉर्म पहले से कहीं अधिक दूरी से दुश्मन के विमानों को निशाना बना सकेंगे। इसकी बढ़ी हुई रेंज और मैक 4.5 की रफ्तार पाकिस्तान वायुसेना के लिए नई चुनौती बन सकती है।

S-400 ने और मजबूत किया सुरक्षा कवच

  • इसी बीच भारत के दोस्त रूस ने S-400 'सुदर्शन चक्र' एयर डिफेंस सिस्टम की चौथी रेजिमेंट की पहली खेप दी है। 5.43 अरब डॉलर के भारत-रूस समझौते के तहत खरीदे गए इस सिस्टम की तीन रेजिमेंट पहले ही तैनात की जा चुकी हैं। चौथी रेजिमेंट के पश्चिमी मोर्चे पर तैनात होने की संभावना जताई जा रही है।


  • S-400 दुनिया के सबसे उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम में गिना जाता है। यह 400 किलोमीटर तक की दूरी पर लड़ाकू विमान, ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल जैसे कई लक्ष्यों को एक साथ ट्रैक और इंटरसेप्ट कर सकता है। इससे भारत की हवाई सुरक्षा क्षमता और भी मजबूत हो जाती है।


पाकिस्तान की टेंशन क्यों बढ़ सकती है?

  • पाकिस्तान के कई प्रमुख एयरबेस, जैसे कमरा, सरगोधा और नूर खान एयरबेस, भारतीय सीमा से कम दूरी पर स्थित हैं। यदि भारतीय लड़ाकू विमान या ड्रोन अपनी सीमा के भीतर गश्त करते हुए लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस रहते हैं, तो वे सीमा पार किए बिना भी दुश्मन के विमानों पर नजर बनाए रख सकते हैं। ऐसे में पाकिस्तानी वायुसेना को पीछे हटना पड़ सकता है।


  • अस्त्र Mk1 की बढ़ी हुई रेंज पाकिस्तान की टेंशन बढ़ा सकता है। क्योंकि यह दूर से ही पाकिस्तानी विमानों और बेस को निशाना बना सकती है। ऐसे में पाकिस्तान वायुसेना को अपने विमानों की तैनाती, उड़ान मार्ग और सीमा के निकट संचालन को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ सकती है।


भारत बढ़ा रहा अपनी ताकत

भारत पिछले कुछ वर्षों से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और तकनीकी आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दे रहा है। अस्त्र जैसी स्वदेशी मिसाइलों का विकास, तेजस लड़ाकू विमान, एडवांस्ड ड्रोन प्रोग्राम और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा हैं।



इसके अलावा, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) पहले से ही अस्त्र Mk2 पर काम कर रहा है, जिसकी रेंज 200 से 240 किलोमीटर तक होने की संभावना है। यदि यह परियोजना सफल रहती है, तो भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी की मारक क्षमता और भी बढ़ जाएगी।

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# International News

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