Tue, 27 Oct 2026
Logo

ब्रेकिंग

भोपसरा में विजयादशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण

लईका चिन्हारी' ऐप से आउट ऑफ स्कूल व दिव्यांग बच्चों की पहचान हेतु राज्य स्तरीय व्यावहारिक प्रशिक्षण निमोरा में संपन्न

छत्तीसगढ़ में हल्की ठंड की शुरुआत, अगले चौबीस घंटे में गिर सकता है तापमान,

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने माँ दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की का

विश्वास का फायदा उठाकर शासकीय व्याख्याता ने निजी स्कूल के खाते में कर दी सेंध-मारी, दीदी शिक्षण समिति के पदाधिकारी ने की

जीत कर भी गले मेँ आती है हार की माला, एक बड़ा भूमि घपला सामने आएगा

SP के नाम पर 10 हजार की ठगी, पुलिस को शर्म नहीं शोहरत लगती है

शिक्षक का आज, शिक्षा का कल : बदलती कक्षा, बढ़ती अपेक्षाएँ और शिक्षा के भविष्य की नई दिशा

सरस्वती शिशु मंदिर बैतलपुर में प्रांतीय विज्ञान एवं वैदिक गणित मेले का भव्य समापन, उत्कृष्ट प्रतिभागी हुए पुरस्कृत

सूचना

मां बम्लेश्वरी मंदिर किसका, ट्रस्ट, राजपरिवार या गोंड-आदिवासी समाज का:पूजा पद्धति पर विवाद, भवानी बहादुर बोले- परंपरा बदली, सभी समाजों को मिले प्रतिनिधित्व

घर में घुसकर मां-बेटे का मर्डर:भतीजे ने बेटी पर भी कुल्हाड़ी से हमला किया; जादू-टोने के शक में वारदात, डोंगरगढ़ में 3 अरेस्ट

शराब घोटाला, कांग्रेस भवन पहुंचाए गए 860-880 करोड़:ED का दावा- कांग्रेस नेता रामगोपाल की मॉनिटरिंग में पहुंचा कैश, 9.06 करोड़ की संपत्ति अटैच

छत्तीसगढ़ न्यूज़ : उसलापुर गुड्स शेड मामले में हाईकोर्ट सख्त : रेलवे अफसरों पर जताई नाराजगी, कहा- मजदूरों को भी इंसान समझिए

Abhyuday Bharat News / Sat, May 30, 2026 / Post views : 199

Share:

बिलासपुर :- गुड्स शेड को लेकर लगाई गई याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने रेलवे अफसरों पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा- जब पूरी सुविधाएं नहीं है, तो उसलापुर गुड्स शेड को चालू क्यों किया गया। मजदूर भी इंसान हैं, उनको इंसान समझिए और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराइये। कोर्ट ने रेलवे अफसरों से गुड्स शेड में पीने का पानी, बिजली, सड़क, शेड, हमाल और व्यापारियों के लिए रेस्ट रूम बनाने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई जस्टिस एनके व्यास के सिंगल बेंच में हुई।अब अगली सुनवाई 17 जून को होगी।

रेलवे माल गोदाम मजदूर यूनियन और नया माल गोदाम ट्रक यूनियन ने अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव व मानस वाजपेयी के जरिए हाई कोर्ट में याचिका लगाई है। जिसमें बताया गया है, कि रेलवे ने बिलासपुर रेक पॉइंट गुड्स शेड को बंद कर बगैर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए उसलापुर शिफ्ट कर दिया है। रेलवे की ओर से केंद्र सरकार के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा से जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने पूछा, क्या रेलवे, मजदूर को इंसान नहीं समझती, जो बिलासपुर गुड्स शेड रेक प्वाइंट को बंद कर, बिना किसी बुनियादी सुविधा के पूरा काम उसलापुर गुड्स शेड में शिफ्ट कर रही है. इस सवाल के जवाब में डिप्टी सालिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने कहा, सभी बुनियादी सुविधाएं है। याचिकाकर्ता की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओ ने हाई कोर्ट को बताया, उसलापुर गुड्स शेड के नाम पर वहां पर कोई भी सुविधा नहीं है। याचिका में फोटोग्राफ भी लगाए गए हैं। स्वयं रेलवे और यूनियन की संयुक्त जांच रिपोर्ट में यह साफ लिखा है, कोई भी बुनियादी सुविधा उसलापुर गुड्स शेड साइट पर नहीं है। आगामी मानसून सीजन में फर्टिलाइजर के आवक और सप्लाई प्रभावित न हो इसके लिए कलेक्टर बिलासपुर ने रेलवे को पत्र लिखकर बिलासपुर रैक पॉइंट गुड्स शेड को सितंबर तक चालू रखने की बात कही है। प्रभावित न हो इसके लिए कलेक्टर बिलासपुर ने रेलवे को पत्र लिखकर बिलासपुर रैक पॉइंट गुड्स शेड को सितंबर तक चालू रखने की बात कही है।

17 जून को होगी अलगी सुनवाई

हाई कोर्ट ने पूछा, कितने दिनों में रेलवे प्रशासन गुड्स शेड में सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इस पर अधिवक्ता ने जरुरी सुविधाओं के विस्तार के लिए 15 दिन का समय मांगा। रेलवे के अधिवक्ता द्वारा एक पखवाड़े का समय मांगे जाने पर याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया, गुड्स पाइंट में सुविधाओं के विस्तार के लिए कम से कम तीन महीने लगेंगे। इस पर हाई कोर्ट ने कहा, अब इन कार्यों की मानिटरिंग हाई कोर्ट करेगा। कोर्ट ने याचिका की अगली सुनवाई के लिए 17 जून की तिथि तय कर दी है। अगली सुनवाई से पहले रेलवे और जिला प्रशासन को जवाब पेश करने का निर्देश कोर्ट ने दिया है।

याचिकाकर्ताओं ने रेलवे द्वारा बिलासपुर रेक पाइंट को स्थाई रूप से बंद करने को रेलवे की नीति के खिलाफ बताया है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से मांग करते हुए कहा, बिलासपुर और उसलापुर गुड़स शेड और दोनों रेक पॉइंट एक साथ चलाए जाने चाहिए। व्यापार विहार में उतरने वाला और आने वाला पूरा सामान अगर उसलापुर से लाया जाएगा तो शहर में गाड़ियों का परिवहन लंबी दूरी तक होगा और साथ ही लंबे परिवहन के कारण लागत और महंगाई भी बढ़ेगी। याचिका में उसलापुर गुड्स शेड पर अवांछित और असामाजिक तत्वों के द्वारा दादागिरी करने और धमकी देने आदि की शिकायत पर पुलिस के द्वारा कोई कार्रवाई न करने की बात भी उठाई गई है।

Tags :

#CG NEWS

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts