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ABN EXPRESS NEWS 24x7
रायपुर - छत्तीसगढ प्रदेश गृह मंत्री विजय शर्मा के गृह जिला कवर्धा में पुलिस कस्टडी के दौरान प्रशांत साहू के मौत की खबर के बाद पुलिस सवालो के कटघरे पर है. प्रदेश मे जिस मंत्री को कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालन करने का जिम्मा दिया गया उसी के गृह जिला कवर्धा के पुलिस पर आम जनता को बेदर्दी से पिटने और कस्टडी के दरमियाँन एक युवक प्रशांत साहू के मौत का आरोप लगा है। जिसके बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों मे भूचाल आ गई है. कवर्धा मे घटित घटना के बाद सत्ता और विपक्ष आपने सामने है इसी बीच आरोप - प्रत्यारोप का दौर चल रहा है.
वही सामाजिक स्तर पर सरकार एवं पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए जा रहे है। ऐसा परिस्थितियां राजनीति के लिए अच्छा ही माना जाता है दूसरी बात यह कि विपक्ष के आरोप मे गृह मंत्री के जिला में पुलिस बेलगाम है. तो गृह मंत्री विजय शर्मा पुरे प्रदेश का पुलिसिया कमान कैसे संभाल पाएंगे शायद इसीलिए उनके प्रति विरोध के स्वर उठने लगे है और उनसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने का मांग कर रहे है.
गौरतलब है कि कवर्धा जिला ग्राम लोहारीडीह के साहू समाज से तीन व्यक्तियो का मौत हो चुकी है. मामले को लेकर पुरे घटनाक्रम के बारे मे कहा जा रहा है कि मध्यप्रदेश कh सीमा पर 15 सितम्बर को शिव प्रसाद साहू उर्फ कचरू साहू की लाश मिली थी. जिसके बाद गॉव का मौहल बिगड गया. गांव वालो ने उप सरपंच रघुनाथ साहू के ऊपर हत्या करने के शक मे उसके घर के अन्दर घुस कर परिजनो के साथ मारपीट किया और फिर देखते ही देखते रघुनाथ साहू के घर मे पैरा डालकर आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया. बताया जा रहा है कि घटना के पूर्व रघुनाथ साहू को जानकारी हो गई थी कि गांव वाले उसके घर आकर बड़ी घटना को अंजाम देने वाले हैं इसलिए वह अपने परिजनों को छिपने के लिए कहकर वह स्वयं घर के पटाव में छिप गया. जिसके बाद उग्र भीड़ ने सबसे पहले रघुनाथ साहू के घर का दरवाजा तोड़ते हुए अंदर प्रवेश किया. मौके पर मौजूद परिजनों के साथ मारपीट भी किया और फिर पैरा के सहारे घर में आग लगा दिया गया. बताया जा रहा है कि उक्त आगजनी की घटना से रघुनाथ साहू जिंदा जल गया.
वही घटना क्रम को लेकर पुलिस ने लगभग 163 लोगो के खिलाफ अपराध पंजीबध्द किया गया. जिसके बाद पुलिस गिरफ्तारी की प्रकिया शुरू करते हुए 70 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था. गिरफ्तारी में प्रशांत साहू को भी शामिल होना बताया जा रहा है. कवर्धा पुलिस पर आरोप लग रहे है कि जॉच के नाम पर प्रशांत साहू को थाना लाकर प्रताडित किया गया. गॉव मे चर्चा हो रही है कि पुलिस के मार से प्रशांत साहू की जान गई है वही घटना के बाद राज्य सरकार द्वारा 23 पुलिसकर्मी को सस्पेंड किया गया. इसके अलावा राज्य सरकार ने बडा फैसला लेते हुए जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक को हटा दिया .. साथ ही आई.पी .एस. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
कवर्धा जिला के लोहारीडीह हत्या कांड को लेकर साहू समाज मे व्यापक आक्रोश है। वहीं कांग्रेस - भाजपा में मामले को लेकर आमने सामने है और ऐसे संवेदनशील मामले मे राजनीतिक खेल जारी है। राज्य सरकार ने मामले की न्यायिक जाॅच की घोषणा की है। बहरहाल गाॅव में स्थिति सामान्य होकर भी लोग भयग्रस्त है। राज्य के ऐसे संवेदनशील मामले में राज्य सरकार को तत्काल न्यायिक जाॅच पूर्णः कराकर दोषियों के विरूध कडी कार्यवाही की जानी चाहिए एवं मामले मे निर्दोष लोगो को राहत दिया जाना चाहिए। कवर्धा लोहारीडीह कांड के कई सवाल अभी भी पहेली की तरह अनसुलझे है ...!
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