Sun, 13 Sep 2026
Logo

ब्रेकिंग

निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पर मंथन

प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना किया साकार : केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिं

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश

हरतालिका तीज 2026 कब है? जानें व्रत की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव होगा मानसून, बिलासपुर में समेत कई जिलों में 9 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

पीएससी में आज अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त, नये नाम पर चर्चा

तीज के रंग में रंगा रायपुर प्रेस क्लब, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रैंप वॉक कर बढ़ाया महिला पत्रकारों का उत्साह

पत्रकारिता पर आपातकाल जैसा प्रहार! शाहीन खान और नफीस खान के मामले में परिषद ने जताया विरोध

बिलासपुर में मनाया गया तर्कवादी पत्रकार गौरी लंकेश का स्मृति शहादत दिवस

संकुल स्तरीय विदाई एवं शिक्षक सम्मान समारोह में 31 शिक्षकों का सम्मान

सूचना

छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव होगा मानसून, बिलासपुर में समेत कई जिलों में 9 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

CG हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पंचायत चुनाव में नहीं चलेगा आधार कार्ड-वोटर आईडी, 21 साल से कम उम्र में बनीं सरपंच; इलेक्शन कैंसिल

छत्तीसगढ़ में प्राइवेट स्कूलों के बदले नियम... अब NOC की जरूरत खत्म, 'नेशनल', 'इंटरनेशनल' लिखना हुआ बैन

: Balod News: एक ड्राइवर से परेशान 4 एसडीएम, लेटर देकर कलेक्टर को बताई आपबीती

Admin / Sat, Aug 24, 2024 / Post views : 331

Share:
ABN EXPRESS NEWS 24x7
Balod News: ये कहानी आपको चौंका देगी. इस कहानी में जूनियर, सीनियर से नहीं, बल्कि सीनियर जूनियर से परेशान है. इस कहानी में पूरा जिला चलाने वाले 4 एसडीएम ने कलेक्टर को पत्र सौंपा है. इस पत्र में उन्होंने एक ड्राइवर की शिकायत की है. इस ड्राइवर ने उनकी नाक में दम कर रखा है.
बालोद. जिला प्रशासन में कभी-कभी यह देखने में तो आता है कि छोटे कर्मचारी अपने बड़े अफसरों की शिकायत करते हैं. वे अक्सर कहते हैं कि सीनियर उन्हें परेशान करते हैं. लेकिन, ऐसा कभी नहीं होता कि सीनियर अफसर ये शिकायत करते फिरें कि जूनियर ने उनकी नाक में दम कर रखा है. अगर सच में ऐसा है, तो इस पर आप क्या कहेंगे? जी हां ये अनोखा मामला छत्तीसगढ़ के बालोद जिले का है. जिले के सभी 4 एसडीएम ने बालोद कलेक्टर से एक ड्राइवर की शिकायत की है. उन्होंने ड्राइवर पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है. इन सभी बड़े अफसरों का कहना है कि वे ड्राइवर की बदतमीजी और मनमानी से त्रस्त हो चुके हैं. सभी ने मिलकर कलेक्टर से न्याय मांगा है.
गौरतलब है कि, बालोद के ब्लॉक के एसडीएम ने एक संयुक्त शिकायत पत्र कलेक्टर को सौंपा है. इसमें साफ लिखा है कि ड्राइवर कमल किशोर गंगराले अपने अधिकारियों को सर या मैडम नहीं कहता, बल्कि सीधे नाम लेकर संबोधित करता है. इतना ही नही ये ड्राइवर सिगरेट पीकर गाड़ी में बैठता है. इस वजह से महिला अधिकारियों को असहजता महसूस होती है. शिकायत में ये भी लिखा गया है कि किशोर बिना पूछे, बिना बताए अपनी मर्जी से छुट्टी ले लेता है. इस तरह के कई गंभीर बातों की जानकारी कलेक्टर को दी गई है. ड्राइवर ने तोड़ दीं सारी सीमाएं इस ड्राइवर ने उस वक्त सारी सीमाएं तोड़ दी थीं, जब उसने गुरूर की महिला एसडीएम प्राची ठाकुर की जगह डीजल पर्ची में अपने साइन कर दिए. उसने सरकारी गाड़ी खराब होने का हवाला देकर अधिकारी की निजी गाड़ी में डीजल डलवा दिया. उसके बाद अधिकारी पर ही सरकारी सुविधा के दुरुपयोग का झूठा आरोप लगा दिया. अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में कमल किशोर ने मीडिया में जाकर बयान बाजी की. उसने गुरूर की महिला एसडीएम को बदनाम किया, छवि खराब की. हालांकि, इस मामले के बाद कमल को गुरूर से हटाकर जिला कार्यालय में अटैच कर दिया गया. इतनी पावर रखता है एक एसडीएम बता दें, किसी भी जिले के प्रशासनिक ढांचे में एसडीएम का पद बड़ी और गंभीर जिम्मेदारियों वाला होता है. एक एसडीएम के पास राजस्व शाखा की जिम्मेदारियों के साथ मजिस्ट्रियल पावर भी होता है. एक एसडीएम के नीचे तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आरआई, पटवारियों की बड़ी टीम रहती है. किसी भी तरह के लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति में पुलिस भी एसडीएम के आदेश पर कार्रवाई करती है. अक्सर धरना प्रदर्शन के बाद एसडीएम को ही ज्ञापन सौंपे जाते हैं. इस तरह से राजस्व, लॉ एंड आर्डर, के अलावा राजनीतिक प्रदर्शनों तक एसडीएम का खास महत्व होता है. दूसरे शब्दो मे कहें तो किसी भी जिले को चलाने के लिए एसडीएम का बड़ा महत्व होता है.  

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts