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: बिलासपुर हाईकोर्ट से राज्य सरकार को बड़ा झटका, वार्ड परिसीमन पर लगाई रोक

Admin / Fri, Jul 26, 2024 / Post views : 304

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अभ्युदय भारत न्यूज़ ABN Express News 24x7 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में प्रदेश के नगरीय निकायों के वार्डों के परिसीमन पर रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले से राज्य सरकार को तगड़ा झटका लगा है। प्रदेश के निकायों के परिसीमन के बाद दावा आपत्ति मंगाने का काम किया जा रहा था। इसआदेश के बाद पूरी प्रक्रिया पर रोक लग गई है। Bilaspur High Court : राजनादगांव नगर निगम,कुम्हारी नगर पालिका व बेमेतरा नगर पंचायत में वार्डों के परिसीमन को चुनौती दी गई थी। तीनों याचिकाओं की प्रकृति समान थी,लिहाजा हाई कोर्ट ने तीनों याचिकाओं को एकसाथ मर्ज करते हुए साथ-साथ सुनवाई प्रारंभ की। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि राज्य सरकार ने प्रदेशभर के निकायों के वार्ड परिसीमन के लिए जो आदेश जारी किया है उसमें वर्ष 2011 के जनगणन को आधार माना है। इसी आधार पर परिसीमन का कार्य करने कहा गया है। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं का कहना था कि वार्डपरिसीमन के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार अंतिम जनगणना को आधार माना गया है। राज्य सरकार ने अपने सरकुलर में भी परिसीमन के लिए अंतिम जनगणना को आधार माना है। अधिवक्ताओं का कहना था कि राज्य सरकार ने इसके पहले वर्ष 2014 व 2019 में भी वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन का कार्य किया है। जब आधार एक ही है तो इस बार क्यों परिसीमन का कार्य किया जा रहा है। बिलासपुर हाई कोर्ट याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं के तर्कों से सहमति जताते हुए कोर्ट ने पूछा कि वर्तमान में वर्ष 2024 में फिर से परिसीमन क्यों किया जा रहा है। अब क्या जरुरत पड़ गई। कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब वर्ष 2011 कीजनसंख्या को आधार मानकर वर्ष 2014 व 2019 में वार्डों का परिसीमन किया गया था। जनगणना का डेटा तो आया नहीं है,वर्ष 2011 के बाद जनगणना हुई नहीं है। तो फिर उसी जनगणना को आधार मानकर तीसरी मर्तबे परिसीमन कराने की जरुरत क्यों पड़ रही है।

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