Wed, 13 May 2026
Logo

ब्रेकिंग

पीएम मोदी की अपील के बाद एक्शन में छत्तीसगढ़ सरकार, CM साय बोले- कारकेड घटाएंगे, EV को देंगे बढ़ावा

भोपाल में मुस्लिम युवक की पिटाई के बाद उबले समाज के लोग, आधी रात को ताजुल मस्जिद के पास प्रदर्शन, धारा-144 लागू

होर्मुज संकट के बीच एक्शन में एस. जयशंकर, नई दिल्ली में ईरान के विदेश मंत्री अराघची से इन मुद्दों पर बात

सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं से मजबूत हुआ रोजगार का आधार : मुख्यमंत्री साय….

साइकिल से दफ्तर पहुंचे एसपी और एएसपी

बीजापुर में तेंदूपत्ता संग्रहण का आगाज

कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत खपरी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट की दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत

गेंदा की खेती से बढ़ी आय और बनी नई पहचान

'माफी से काम नहीं चलेगा', ब्राह्मणों पर बयान देकर फंसे राजकुमार भाटी, अजय राय की मांग- एक्शन लें अखिलेश यादव

कुछ लोग कारोबार में नुकसान से दुखी हो जाते हैं, प्रतीक की मौत पर अखिलेश ने किया ये क्या इशारा?

सूचना

: फंगस वाले OT में मोतियाबिंद का ऑपरेशन! 10 मरीजों की हालत बिगड़ी

Admin / Mon, Oct 28, 2024 / Post views : 158

Share:
ABN EXPRESS NEWS 24x7

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के जिलाअस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है. मरीजों के ऑपरेशन के पहले ऑपरेशन थियेटर को सैनेटाइज करने के लिए मेडिकल प्रोटोकॉल का ठीक से पालन नहीं किया गया. 10 मरीजों के आंखों के ऑपरेशन के बाद उन्हें राजधानी रेफर किया गया है. आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है ?

 छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही का नतीजा नेत्र रोगी वृद्धजनों को उठाना पड़ रहा है. हाल ही में एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है, जहां प्रबंधन की लापरवाही के चलते दर्जन भर से ज्यादा लोगों को अपनी आंखें तक गंवानी पड़ सकती थी. गनीमत रही कि समय रहते मामले की जानकारी कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी को मिली. जिसके बाद आनन-फानन में नेत्र रोगियों को राजधानी रायपुर और मेकाज पहुंचाया गया. फिलहाल सभी की स्थिति सामान्य बताई जा रही है. इस मामले का बाद दंतेवाड़ा से लेकर रायपुर तक हड़कंप मच गया है. दरअसल मंगलवार को जिला अस्पताल में 20 नेत्र रोगियों की सर्जरी की गई थी. इस सर्जरी के अगले दिन के बाद ही रोगियों को आंखों में काफी परेशानी होने लगी. रोगियों ने इस बात की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को दी. इधर अस्पताल प्रबंधन ने 10 रोगियों को हो रही परेशानी के बीच भी इस बात की जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं दी और न ही उनके रोग दूर करने की दिशा में कोई प्रयास किया.

इस बीच सारे मामले की जानकारी किसी कर्मचारी ने सीएमएचओ डॉ.अजय रामटेके को दे दी. डॉ. रामटेके ने इसकी जानकारी तत्काल कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी को दी और बिना देरी किए पीड़ित नेत्र रोगियों को राजधानी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में शिफ्ट कराया गया.

9 मरीजों का उपचार फिलहाज मेकाहारा में जारी है तो वहीं एक मरीज को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में भर्ती कराया गया है. प्रभावित होने वालों में पालनार से आयतु, मंगू, हड़मामुंडा से कुमा,उडेली से वेली सहित 10 रोगी शामिल हैं.

हेपा फिल्टर्स खराब, दीवार पर थी फंगस 

इधर कुछ महीनें पहले ही केंद्र से पहुंची दो सदस्यीय एक टीम ने ओटी का निरीक्षण किया था. जांच में उन्होंने पाया था कि ओटी में लगे हेपा फिल्टर्स खराब हो चुके हैं और इन्हें तुरंत बदला जाए. वहीं इस टीम ने यह भी पाया था कि ओटी की दीवारों पर जगह-जगह फंगस जमी हुई है. इसका भी ट्रीटमेंट कराया जाए. लेकिन तात्कालीन सीएस डॉ. कपिल कश्यप ने केंद्र की इस टीम के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया और आज स्थिति ये बन गई थी कि कुछ मरीजों के जीवन में अंधकार छा सकता था.

जिला अस्पताल में बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद तत्काल ही राज्य से एक टीम पूरे मामले की जांच के लिए राजधानी से आ चुकी है. इसके साथ ही जिला स्तर पर भी एक जांच कमेटी का गठन किया गया है. माना जा रहा है कि इस मामले में जल्द ही सीएस डॉ. गंगेश व सर्जन पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है.

CMHO की तत्परता से बची आंखें

अस्पताल प्रबंधन द्वारा मोतियाबिंद के आपरेशन के बाद जब मरीजों की आंखों में परेशानी होने लगी तो प्रबंधन इस मामले में पर्दा डालने की कोशिश करता रहा. लेकिन जैसे ही ये मामला सीएमएचओ डॉ. रामटेके के संज्ञान में आया. उन्होंने  बिना देरी किए जिले के उच्चाधिकारियों समेत प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को इसकी जानकारी दी. डॉ. रामटेके ने उच्चाधिकारियों के दिशा निर्देश का पालन करते मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में शिफ्ट कराया, जिसके चलते आज रोगियों की हालत में काफी सुधार देखा जा रहा है. मेकाहारा में मरीजों के साथ सर्जन डॉ गीता नेताम भी मौजूद हैं.

इस मामले में दंतेवाड़ा के कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि डॉक्टर्स ने मरीजों की सर्जरी की है, इसके लिए दिशानिर्देश के पालन में कहीं कोई त्रुटि हुई है, जिसके कारण मरीजों को इन्फेक्शन हुआ.

सभी का मेकाहारा में विशेषज्ञों की देखरेख में उपचार किया जा रहा है. पूरे मामले की जांच कराई जा रही. जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.

जांच टीम पहुंची दंतेवाड़ा 

इस मामले की जांच के लिए राजधानी से 6 सदस्यीय टीम शनिवार की शाम दंतेवाड़ा पहुंची है. जांच टीम के सदस्यों ने रात में ही अस्पताल का निरीक्षण किया और इस लापरवाही के लिए सीएस डॉ गंगेश और सर्जन को जमकर फटकार भी लगाई है. रविवार को भी यह टीम मामले की जांच करेगी और रिपोर्ट शासन को सौंपेगी. बताया जा रहा कि इस मामले में ओटी इंचार्ज और सर्जन पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts