ब्रेकिंग
सूचना
Abhyuday Bharat News / Mon, Oct 27, 2025 / Post views : 195
छठ पूजा में सूर्य देव और छठी मइया की आराधना की जाती है। अर्घ्य देते समय मंत्र पढ़ना चाहिए। मंत्र भगवान से संवाद का माध्यम माना जाता है। अर्घ्य मंत्र पढ़ने से पूजा विधि संपूर्ण और शुद्ध होती है। मंत्र सूर्य देव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने का साधन है। जब व्रती श्रद्धा से अर्घ्य मंत्र बोलता है, तो उसका मन एकाग्र और शांत हो जाता है। यहां से आप छठ पूजा के सूर्य अर्घ्य के मंत्र देख सकते हैं।
आज देशभर में लोक आस्था का महापर्व छठ का त्योहार मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में छठ पूजा का विशेष महत्व होता है। यह चार दिनों तक चलता है, जिसमें तीसरे दिन का विशेष महत्व होता है। जहां पर संध्या अर्घ्य देकर सूर्य उपासना और छठी मईया की पूजा होती है। इस दिन व्रती घाट पर एकत्रित होकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं। पंचांग के अनुसार आज सूर्यास्त शाम 05 बजकर 40 मिनट पर होगा।
छठ महापर्व में डूबते सूर्य को अर्घ्य देना कृतज्ञता और संतुलन का प्रतीक माना जाता है. यह प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने और जीवन के हर उतार-चढ़ाव को ...
ॐ नमः सूर्याय आदित्याय!
शरणं मे भवं।
मेषादिराशीनां अधिपतये नमः।
नमो नमः!
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर।।
ॐ आदित्याय नमः।
ॐ सूर्याय नमः।
ॐ भास्कराय नमः।
ॐ आदित्याय नमः।
ॐ ह्रीं सूर्याय नमः।
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।
यह मंत्र अर्घ्य देते समय तीन बार जपना शुभ माना जाता है।
ॐ छठ मइया नमः।
ॐ पूरब दिशा की रानी, छठ मइया प्यारी।
संतान सुख दे मइया, अरघ लेहु हमारी॥
आ कृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यं च।
हिरण्ययेन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन्॥
ॐ सूर्याय नम:।
ॐ मित्राय नम:।
ॐ रवये नम:।
ॐ भानवे नम:।
ॐ खगाय नम:।
ॐ पूष्णे नम:।
ॐ हिरण्यगर्भाय नम:।
ॐ मारीचाय नम:।
ॐ आदित्याय नम:।
ॐ सावित्रे नम:।
ॐ अर्काय नम:।
ॐ भास्कराय नम:।
छठ पर्व में अर्घ्य देते समय मंत्रोच्चारण से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और भक्त को स्वास्थ्य, धन, संतान सुख और दीर्घायु का आशीर्वाद देते हैं। छठ व्रत अत्यंत कठोर माना गया है। अर्घ्य मंत्र का पाठ इस साधना की पूर्णता का प्रतीक है। यह व्रत और पूजा के सभी कर्मों को सफल बनाता है। मंत्रोच्चारण से मन एकाग्र होता है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं। इससे व्रती की आत्मा और वाणी दोनों पवित्र होती हैं।
Tags :
#CG NEWS
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन