Fri, 31 Jul 2026
Logo

ब्रेकिंग

डमी प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग : शिक्षाविद अमित गौड़

अगस्त महीना क़े परमुख खेती किसानी करें बर किसान मन ल सलाह

ज्ञान से प्रज्ञा तक की यात्रा और मानव चेतना का महापर्व

दिव्यांग राहुल आनंद के द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग एवं प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना हेतु आर्थिक सहायता राशि की मांग

बिलासपुर-रायपुर रोड संदेश UP ढाबा में नारायणपुर सरपंच बिसाहू साहू का दबंगई, जमकर तोड़फोड़

सावन के पहले दिन खाली पड़ा बाबा केदार का दरबार, तीसरे दिन भी नहीं शुरु हो सकी यात्रा

थाईलैंड में 3 इंडियन टूरिस्ट का अपहरण, 5 भारतीय गिरफ्तार, आरोपी बोले – पाकिस्तानी के कहने पर किडनैपिंग की

अमित शाह से जवाब की मांग पर अड़ा विपक्ष, इधर संसद भवन में पीएम की बैठक, 5 केंद्रीय मंत्री मौजूद

पाकिस्तान पर भड़की महबूबा मुफ्ती, शहबाज सरकार को दे डाली वार्निंग, जानें क्या है पूरा मामला

भारी बारिश का कहर : उदंती नदी पर बन रहा 9 करोड़ का निर्माणाधीन पुल ढहा, छत्तीसगढ़-ओडिशा संपर्क प्रभावित,

सूचना

Bilaspur: : लोक आस्था का महापर्व छठ आज, छठ पूजा का तीसरा दिन आज, जानें डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के नियम

Abhyuday Bharat News / Mon, Oct 27, 2025 / Post views : 258

Share:

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पूजा का तीसरा दिन होता है. इस दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. तो चलिए जानते हैं कि किस विधि

आज छठ पूजा का तीसरा दिन यानी संध्या अर्घ्य का समय है। आज के दिन शाम के समय सूर्य देव की पूजा कर उन्हें अर्घ्य दिया जाता है। यहां से आप सूर्य अर्घ्य के मंत्र देखें।

छठ पूजा में सूर्य देव और छठी मइया की आराधना की जाती है। अर्घ्य देते समय मंत्र पढ़ना चाहिए। मंत्र भगवान से संवाद का माध्यम माना जाता है। अर्घ्य मंत्र पढ़ने से पूजा विधि संपूर्ण और शुद्ध होती है। मंत्र सूर्य देव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने का साधन है। जब व्रती श्रद्धा से अर्घ्य मंत्र बोलता है, तो उसका मन एकाग्र और शांत हो जाता है। यहां से आप छठ पूजा के सूर्य अर्घ्य के मंत्र देख सकते हैं।

आज देशभर में लोक आस्था का महापर्व छठ का त्योहार मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में छठ पूजा का विशेष महत्व होता है। यह चार दिनों तक चलता है, जिसमें तीसरे दिन का विशेष महत्व होता है। जहां पर संध्या अर्घ्य देकर सूर्य उपासना और छठी मईया की पूजा होती है। इस दिन व्रती घाट पर एकत्रित होकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं। पंचांग के अनुसार आज सूर्यास्त शाम 05 बजकर 40 मिनट पर होगा।

छठ महापर्व में डूबते सूर्य को अर्घ्य देना कृतज्ञता और संतुलन का प्रतीक माना जाता है. यह प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने और जीवन के हर उतार-चढ़ाव को ...

सांझ अर्घ्य (प्रथम अर्घ्य) मंत्र

ॐ नमः सूर्याय आदित्याय!

शरणं मे भवं।

मेषादिराशीनां अधिपतये नमः।

नमो नमः!

प्रातः अर्घ्य (द्वितीय अर्घ्य) मंत्र

ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।

अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर।।

सूर्य देव को अर्घ्य देने का मंत्र

  • ॐ आदित्याय नमः।

  • ॐ सूर्याय नमः।

  • ॐ भास्कराय नमः।

  • ॐ आदित्याय नमः।

  • ॐ ह्रीं सूर्याय नमः।

सूर्य उपासना मंत्र

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।

यह मंत्र अर्घ्य देते समय तीन बार जपना शुभ माना जाता है।

छठी मइया आराधना मंत्र

ॐ छठ मइया नमः।

ॐ पूरब दिशा की रानी, छठ मइया प्यारी।

संतान सुख दे मइया, अरघ लेहु हमारी॥

सूर्य स्तुति (वैदिक मंत्र)-

आ कृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यं च।

हिरण्ययेन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन्॥

सूर्य देव के 12 नाम-

  • ॐ सूर्याय नम:।

  • ॐ मित्राय नम:।

  • ॐ रवये नम:।

  • ॐ भानवे नम:।

  • ॐ खगाय नम:।

  • ॐ पूष्णे नम:।

  • ॐ हिरण्यगर्भाय नम:।

  • ॐ मारीचाय नम:।

  • ॐ आदित्याय नम:।

  • ॐ सावित्रे नम:।

  • ॐ अर्काय नम:।

  • ॐ भास्कराय नम:।

छठ पूजा अर्घ्य मंत्र का महत्व-

छठ पर्व में अर्घ्य देते समय मंत्रोच्चारण से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और भक्त को स्वास्थ्य, धन, संतान सुख और दीर्घायु का आशीर्वाद देते हैं। छठ व्रत अत्यंत कठोर माना गया है। अर्घ्य मंत्र का पाठ इस साधना की पूर्णता का प्रतीक है। यह व्रत और पूजा के सभी कर्मों को सफल बनाता है। मंत्रोच्चारण से मन एकाग्र होता है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं। इससे व्रती की आत्मा और वाणी दोनों पवित्र होती हैं।

Tags :

#CG NEWS

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts