ब्रेकिंग
सूचना
Abhyuday Bharat News / Thu, Jun 26, 2025 / Post views : 309
छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध हास्य कवि और व्यंग्यकार पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे का आज रायपुर में हृदयगति रुकने से निधन हो गया. अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां हार्ट अटैक से उन्होंने करीब अपराह्न 4:00 से 4:30 बजे अंतिम सांस ली.
सुरेंद्र दुबे के निधन पर छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने शोक जताया है. सीएम ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है. सीएम ने एक्स पर लिखा,''छत्तीसगढ़ी साहित्य व हास्य काव्य के शिखर पुरुष, पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे जी का निधन साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. अचानक मिली उनके निधन की सूचना से स्तब्ध हूं. अपने विलक्षण हास्य, तीक्ष्ण व्यंग्य और अनूठी रचनात्मकता से उन्होंने न केवल देश-विदेश के मंचों को गौरवान्वित किया, बल्कि छत्तीसगढ़ी भाषा को वैश्विक पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई.
https://x.com/vishnudsai/status/1938215099472236757?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1938215099472236757%7Ctwgr%5E2762962bf67fa55bfb422d61b2c1cc45b2b833d1%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.abplive.com%2Fstates%2Fchhattisgarh%2Fdr-surendra-dubey-passed-away-padma-shri-and-famous-poet-dies-in-raipur-2969204
सीएम ने लिखा, ''जीवनपर्यंत उन्होंने समाज को हंसी का उजास दिया, लेकिन आज उनका जाना हम सभी को गहरे शोक में डुबो गया है. उनकी जीवंतता, ऊर्जा और साहित्य के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा.ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों और असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें.
ॐ शांति!''
बता दें कि इनके निधन पर काव्य जगत में शोक की लहर है. छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने भी उनके निधन पर शोक जताया है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, ''सुरेन्द्र जी जीवन भर मुस्कान बांटते रहे, आज आंखें नम कर गए। छत्तीसगढ़ की माटी से लेकर विश्व मंच तक अपनी विशिष्ट कविताओं से पहचान बनाने वाले महान कवि पद्मश्री श्री सुरेन्द्र दुबे जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को यह पीड़ा सहने की शक्ति प्रदान करें। आपकी कविताएं सदैव हमारे हृदय में जीवित रहेंगी।ॐ शांति।''.
डॉ सुरेंद्र दुबे का जन्म 8 जनवरी 1953 को बेमेतरा में हुआ था. वे मूलतः एक आयुर्वेदिक चिकित्सक थे, लेकिन हास्य और व्यंग्य कविता के माध्यम से उन्होंने अलग पहचान बनाई.
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन