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: ग्राम सरभोका में जर्जर स्कूल भवनों का नही हो सका कायाकल्प , कई सालों से वनांचल ग्राम के बच्चे पैदल चल कर दूर पढ़ने जाने को मजबूर

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ABN Express News 24x7 

स्कूल को लेकर ग्रामीणों और ग्राम पंचायत प्रधान ने भवनों के निर्माण की लगाई है गुहार ..

  कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा : पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के अंतर्गत पड़ने वाली ग्राम पंचायत सरभोका के ग्रामीणों सहित ग्राम पंचायत के सरपंच और प्रतिनिधियों ने शासन ,प्रशासन से निवेदन करते हुए कहा है उनके ग्राम में काफी वर्षों से स्कूल और आंगनबाड़ी भवन जर्जर हो चुकी है ,जिसका पुनः निर्माण अब तक नहीं हो पाया है बच्चे मजबूरी में दूसरे ग्राम के स्कूल पैदल चल कर दूर पढ़ने जाने के लिए मजबूर है । ग्रामीणों ने कहा की ग्राम के बच्चों का भविष्य अब खतरे में दिख रहा है, गांव में स्कूल बुरी तरह जर्जर हो चुका है जिसके वजह से बच्चे वहा नही पढ़ सकते , चुकी जर्जर और पुरानी हो चुकी स्कूल भवन को बंद कर दिया गया है और भवनें खंडहर नुमा स्थिती में है । लेकिन स्कूल भवन से वंचित बच्चों को दूसरे ग्राम के स्कूल में पढ़ने पैदल जाना पड़ता है ,कभी कभी पैदल दूर जाने के कष्ट और परेशानी के कारण बच्चे दो दिन या तीन दिन गैप कर करके स्कूल जाते है जिसके कारण पूर्ण शिक्षा से वंचित होने से बच्चों का भविष्य अंधकार में दिख रहा है।      ग्रामीणों ने कहा की एक समय था जब बच्चे स्कूल पढ़ने नही जाते थे तो मास्टर जी उनको स्कूल पढ़ाने कठोरता पूर्वक घर से ले आते थे अब जब दुनिया हाईटेक हो चुका है आज के बच्चे नया कुछ सीखना चाहते है कुछ करना चाहते है ठीक से पढ़ना चाहते हैं तो उनके लिए स्कूल भवन का व्यवस्था नहीं है ।हमारा ग्राम शिक्षा के नाम पर आज भी काफी पिछड़ा हुआ है ।    उसी तरह बाल मंदिर कहे जाने वाली आंगनबाड़ी भवन भी ग्राम पंचायत सरभोका में जर्जर है छोटे छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका दूसरे किराए के मकान में पढ़ाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि कई बार संबंधित अधिकारियों के दफ्तर में पत्र देकर या मौखिक रूप से कहा और निवेदन किया जा चुका है पर आज पर्यन्त स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण पर कोई ठोस कार्यवाही नही देखी गई , अंदाजा स्कूल और आंगन बाड़ी भवन को देख कर लगाया जा सकता हैं।  मुख्यत: जर्जर स्कूल भवनों के निर्माण न होने की प्रमुख वजह जिसके कारण स्कूलों का जीर्णोद्वार नही हो पाता  
  • -- स्कूल में सुधार के लिए बजट का जारी नही हो पाना ।
  • -- शिक्षा के लिए जारी बजट का भ्रष्टाचार हो जाना ।
  • -- अधिकारियों की ओर से स्कूलों का निरीक्षण नही किया जाना ।
  • -- शिकायत के बाद भी ठोस कदम नहीं उठाए जाते ।
  • -- कमीशन खोरी के चलते घटिया सामग्री खरीदा जाना ।
  • -- इन सब वजहों के कारण मेंटनेंस का काम अटकना । या सही समय पर भवनों का मरम्मत नहीं हो पाना ।
  • -- नए भवन के स्वीकृत राशि का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं होना
https://youtu.be/sR8qmcz_-Q0?si=NaO_5rBfC2KJ5EJn इसके अलावा भी कई वजह है जिसके कारण स्कूलों में सुविधाओ की कमी रहती हैं और भवनों का सही ढंग से रख रखाव और निर्माण पूर्ण नही हो पाता । इस तरह की समस्या पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के और भी कुछ कुछ ग्रामों में देखी जा सकती है जिसके वजह से किराए के स्कूल भवनों में या फिर जर्जर स्कूल भवनों में बच्चे जोखिम लेकर पढ़ने को मजबूर हैं। या फिर कष्ट करके दुसरे ग्रामों पैदल स्कूल में पढ़ने को जाते है । दीपक महंत की रिपोर्ट: पाली , अभ्युदय भारत न्यूज़ 

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