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: एग्जाम फोबिया को कैसे करें दूर? बच्चे कैसे करे इससे मुकाबला? मनोचिकित्सक से जानिए सरल तरीका

Admin / Sun, Feb 9, 2025 / Post views : 239

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 परीक्षा का नाम सुनते ही बच्चों के मन में भय उत्पन्न होना आम बात है. इसको एंजायटी या एग्जाम फोबिया कहा जाता है. मनोचिकित्सक के मुताबिक बच्चों में तनाव दूर करने के लिए थेरेनी का सहारा ले सकते हैं. परीक्षा के दौरान पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है. अभिभावक बच्चों को विश्वास भरें कि वे सफल हो सकते हैं. डर को दूर करने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए एक सकारात्मक वातावरण बनाना महत्वपूर्ण है.

  • परीक्षा का डर दूर करने के लिए थेरेपी लें.

  • पर्याप्त नींद और सकारात्मक वातावरण जरूरी.

  • स्टडी प्लान बनाएं और छोटे ब्रेक लें.

 सीबीएसई और सीजी बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक है, और परीक्षा का नाम सुनते ही बच्चों के मन में एक अज्ञात भय उत्पन्न हो जाता है. इसे एंजायटी या एग्जाम फोबिया कहा जाता है. कई बार बच्चे अच्छी तैयारी होने के बावजूद परीक्षा के तनाव के कारण चीजें भूल जाते हैं, या डर के कारण तैयारी ही नहीं कर पाते. परीक्षा को लेकर बच्चों में होने वाले डर के विषय पर Local 18 ने मनोचिकित्सक से बात की. मनोचिकित्सक डॉ. नीलिमा महापात्रा ने बताया कि एग्जाम फियर बच्चों में एक आम समस्या है.

स्वाभाविक है कि जिन बच्चों की तैयारी अधूरी होती है, वे डरते हैं. लेकिन, कई बार ऐसा भी देखा जाता है कि अच्छी तरह पढ़ने के बावजूद बच्चे परीक्षा का नाम सुनते ही डर जाते हैं. यह बच्चों के लिए एक गंभीर समस्या हो सकती है. ऐसे में बच्चों को किसी मनोचिकित्सक से परामर्श कराना चाहिए ताकि वे डर का सामना करना सीख सकें.

 

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