Mon, 14 Sep 2026
Logo

ब्रेकिंग

अंबिकापुर के सड़क की वायरल वीडियो का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान: कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा

सामाजिक सरोकारों से मानद डॉक्टरेट तक का सफर : डॉ. मनीष कुमार साहू को मिला सम्मान

सतनाम पंथी महोत्सव में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सामने के 400 कलाकार दल हुए शामिल

राम सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी की मांग, एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो SP कार्यालय घेराव की चेतावनी

काशी विद्वत परिषद की महत्वपूर्ण बैठकआज रविवार को मारो में: अनिल बघेल ABN

निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पर मंथन

प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना किया साकार : केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिं

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश

हरतालिका तीज 2026 कब है? जानें व्रत की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव होगा मानसून, बिलासपुर में समेत कई जिलों में 9 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

सूचना

मौसम: छत्तीसगढ़ में 14 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी से मौसम सुहाना हो गया है, वहीं कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है

बीजापुर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है, जहां नक्सलियों का डंप बरामद कर भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त किए गए हैं।

स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है जिसके तहत अब प्रिंसिपलों को भी रोजाना दो पीरियड लेने होंगे

: छत्तीसगढ़ में कैसे होगा शिक्षा का विकास ? जब बिना टीचर के चलेंगे स्कूल

Admin / Sat, Oct 26, 2024 / Post views : 320

Share:
ABN EXPRESS NEWS 24x7

छत्तीसगढ़ के MCB जिले में शिक्षा का स्तर बदहाल है. आलम ऐसा है कि बरबसपुर संकुल के लोहारी और डोंगरीपारा प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जिससे बच्चों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है.

छत्तीसगढ़ के MCB जिले में शिक्षा का स्तर बदहाल है. आलम ऐसा है कि बरबसपुर संकुल के लोहारी और डोंगरीपारा प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जिससे बच्चों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है. लोहारी में स्थित प्राइमरी स्कूल में केवल एक ही टीचर हैं. ऐसे हालत इसलिए हो रहे हैं क्योंकि बीते सत्र में टीचरों के काफी प्रमोशन और सस्पेंशन हुए हैं. ऐसे में लोहारी गांव के इस प्राइमरी स्कूल में पहली कक्षा में 10, दूसरी में 19, तीसरी में 21, चौथी में 22 और पांचवीं में 29 बच्चे पड़ते हैं. कुल मिलाकर इस सत्र में बच्चों की संख्या 101 है. प्राइमरी स्कूल में पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं के लिए सिर्फ एक टीचर की व्यवस्था है, जिसके चलते टीचर के छुट्टी पर जाने पर बच्चों को मिड डे मील और खेलकूद कर घर लौटना पड़ता है. बीते सत्र में स्कूल में 111 बच्चे थे, लेकिन 2022-23 शिक्षा सत्र में एक शिक्षक के सस्पेंड होने और एक शिक्षक के प्रमोशन के बाद से स्कूल में शिक्षकों की कमी और बढ़ गई है.

मेडिकल लीव पर सारे टीचर

2023-24 सत्र में 27 सितंबर को शिक्षक स्वर्ण दीपक सिंह को स्कूल में भेजा गया था, लेकिन 11 दिसंबर से वे लगातार मेडिकल लीव पर हैं. इस बीच 6 मार्च 2024 को एक दिन के लिए वे स्कूल पहुंचे, लेकिन उसके बाद से नहीं आए.

बिना टीचर के कैसे चलेगा स्कूल ?

बरबसपुर के डोंगरीपारा गांव में स्थित प्राइमरी स्कूल का भी यही हाल है. इस सत्र में यहां एक भी शिक्षक नियुक्त नहीं किया गया है, केवल एक शिक्षक को अटैच कर काम चलाया जा रहा है. यहां पहली से पांचवीं तक के 32 छात्र हैं. बीते सत्र में जगदीश साहू और लव साहू इस स्कूल में प्रभार में थे, लेकिन प्रमोशन के बाद यह स्कूल पूरी तरह से शिक्षक विहीन हो गया है.

बच्चों की शिक्षा पर असर

प्राइमरी स्कूल के 111 बच्चे केवल एक शिक्षक के भरोसे हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा पर गहरा असर पड़ रहा है. इस स्थिति में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी विकास की संभावनाएं भी प्रभावित हो रही हैं. इस प्रकार, मनेंद्रगढ़ जिले के इन प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी से बच्चों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है और इस समस्या का त्वरित समाधान आवश्यक है.

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts