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Abhyuday Bharat News / Thu, Oct 2, 2025 / Post views : 173
2 अक्तूबर 2025 को देशभर में हर्ष और उल्लास के साथ दशहरा मनाया जा रहा है। यह पर्व हिंदू पंचांग के आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म और अहंकार पर सत्य की जीत हासिल की थी। इस दिन को बुराइयों पर अच्छाई की जीत के रूप में भी मनाया जाता है। इसलिए इस तिथि पर पूजा-अर्चना, हवन और दान जैसे पुण्य काम करने पर सभी प्रकार की नकारात्मकता, भय और बाधाओं से साधक दूर होता है। वहीं दशहरा के शुभ अवसर पर जहां रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया जाता है, वहीं घरों में शस्त्र पूजन करने की भी विशेष परंपरा है। ऐसे में आइए इस दिन के शुभ मुहूर्त और महत्व को विस्तार से जानते हैं।
शस्त्र पूजन का शुभ मुहूर्त

दशहरा 2025 में रावण दहन का शुभ मुहूर्त

शस्त्र पूजन विधि
शमी के पौधे की पूजा का महत्व

मां दुर्गा की पूजा का महत्व
दशहरा के दिन मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था। इसलिए इसे शक्ति की जीत का त्योहार भी कहते हैं।
दशहरा पंचांग 2025
तिथि | दशमी | 19:04 तक |
नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा | 09:03 तक |
प्रथम करण | तैतिल | 07:11 तक |
द्वितीय करण | गारा | 19:04 तक |
पक्ष | शुक्ल |
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वार | गुरुवार |
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योग | सुकर्माण | 23:21 तक |
सूर्योदय | 06:14 |
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सूर्यास्त | 17:18 |
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चंद्रमा | मकर |
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राहुकाल | 13:34 − 15:02 |
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विक्रमी संवत् | 2082 |
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शक संवत | 1947 | विश्वावसु |
मास | अश्विन |
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शुभ मुहूर्त | अभिजीत | 11:43 − 12:30 |
यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए ABN NEWS उत्तरदायी नहीं है।
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