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Abhyuday Bharat News / Fri, Oct 10, 2025 / Post views : 365








बिलासपुर के मोपका, सीपत, बलौदा, पंतोरा होते हुए उरगा, नेशनल हाइवे से होते हुए रिसदा, बालको (कोरबा) में सड़क किनारे किया गया वहीं रास्ते पर सड़क के किनारे स्थित तालाबों के मेड़ों पर आम और जामुन के बीजों का रोपण तथा पीपल-बरगद के पौधों का रोपण किया बिलासपुर के रेलवे क्षेत्र, तोरवा, महमंद, ढेका, नेशनल हाइवे दर्रीघाट, जयरामनगर, पाराघट टोल प्लाजा, अर्जुनी मोड़, तरौद, किरारी, चोरभट्ठी, पौना, तागा में आम, इमली और अर्जुन वृक्ष के बीजों का रोपण और सँचारण किया गया।

बिलासपुर के घुरू, मेण्ड्रा, पाॅंड़, होते हुए सलमपुर, सकरी, पेण्डारी, काटाकोनी, लाखासार, सागर, कुरेली खजुरी, सकर्रा बुटेना, अमसेना, नेशनल हाइवे कोपरा सैदा तक सड़क किनारे आम, जामुन और अर्जुन वृक्ष के बीजों का संचारण व रोपण किया गया। रायपुर में विधानसभ रोड, नवा रायपुर मे ं मेन रोड किनारे व भ्छस्न् तक तथा भ्छस्न् रायपुर के परिसर में नीम और अर्जुन के बीजों का रोपण और संचरण किया गया।

वहीं बिलासपुर मंगला, लोखण्डी, तुरकाडीह, निरतु, घुटकू, लमेर, लारीपार, खरगहनी होते हुए कोटा-रतनपुर मार्ग तथा अरपा भैंसाझार में अर्जुन वृक्ष के बीजों का रोपण व संचारण किया गया। बिलासपुर परसदा, चकरभाठा, रहंगी, मुढ़ीपार, बिल्हा, गोढ़ी, बरतोरी होते हुए बलौदा बाजार तक अर्जुन वृक्ष के बीजों का संचारण व रोपण “एक पेड़ अपनी माँकेनाम ” तथा बरगद-पीपल के पौधों का रोपण किया गया।

इसके साथ ही हमने अपने कर्तव्यस्थल को हरा भरा रखने का बिड़ा उठाया और स्टाफ के साथियों तथा छात्र -छात्राओं के सहयोग से विद्यालय परिसर में भी पीपल-बरगद,अमलताश के अलावा विभिन्न प्रकार के फलदार पौधों आम, जामुन, अमरूद, करौंदा, कटहल आदि पौधों के अलावा विभिन्न प्रकार के फूलदार पौधों का रोपण कर विद्यालय परिसर को हरा-भरा कर प्रकृति का श्रृंगार करने का कार्य किया गया है।



विद्यालय परिसर को हरा भरा बनाने में शाला परिवार का भरपूर सहयोग मिला जिसके कारण आज हमारा विद्यालय परिसर में हरियाली पसर रहा है। पीपल और बरगद का पौधा संकलन के लिए मैंने अपने व्हाट्सएप और फेसबुक त्ंररन ावेीसम में डालकर संकलन कर रहा हूँ।बड़े हीउत्साहकेसाथमहिलाएँ-पुरूषमेरे मोबाइलनंबर 9826179379 परकाॅल करके बुलाकर पौधा भेंट करते हंै। पीपल-बरगद का पौधा संकलन और रोपण का काम आज भी जारी है और रहेगा। इस बार मैने झाड़ियों के पास व बीच में बीजों का संचरण को प्राथमिकता दिया ताकि पौधे बकरियों और जानवरों से सुरक्षित रहे। बीजों का रोपण और संचरण में मेरे मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत जे आर असीम “बाबू” का भरपूर साथ रहा, वहीं पैदल चल रहे राहगिरों का भी सहयोग लिया। मेरे इस कार्य के बारे में जिस किसी को भी पता चला है उन्होंने मुक्त कण्ठ से भूरी-भूरी प्रसंशा की है। कटघोरा निवासी हेमंत कौशल स पत्नी बिलासपुर पहुँचकर कुछ पौधों के बीज भेंट किए। वहीं सरसींवा के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डाॅ0 यादव कुमार रात्रे जी ने 1108/- तथा बिलासपुर निवासी शासकीय हाई स्कूल झलमला, अकलतरा में पदस्थ व्याख्याता श्री लक्ष्मी प्रसाद खूंटे जी ने 1000/- रूपए सप्रेम भेंट कर मेरे कार्य की सराहना कर हौसला अफजाई किया। मेरा एक स्लोगन है - आप मुझे पौधा दीजिए, मैं आपको व आपकी पीढ़ी को विशालकाय वृक्ष दूँगा।

अंत में मैं इस पुनित कार्य के लिए सभी जनता जनार्दन से अपेक्षा चाहूॅंगा कि आप जब भी कोई भी फल खाते हैं तो उसके बीजों को कूड़ेदान में न फेंकें, उन बीजों को एकत्रित करके रखें और कहीं घूमने या किसी काम से कही बाहर जाते हैं तो उन बीजों को सड़क किनारे और कहीं खाली जमीन पर फेंक दें बारीश के मौसम आने पर वे सभी बीज उग कर आकार ले लेगा। पेड़-पौधों को नुकसान पहुॅचाने वालों को रोकें-टोकें और जहाॅं तक हो सके जानवरों से बचाएॅ, सुरक्षा प्रदान करें। चूॅकि पेड़-पौधे और जीव-जन्तु एक दूसरे के पूरक है। प्रकृति को हरा-भरा रख कर प्रकृति का श्रृंगार करें ताकि मन और जीवन को सुकून मिलेगा। बीजों का अंकुरण होना प्राकृतिक है, आप बीजों का संचारण और रोपण कर दीजिए। हरा-भरा उपवन स्वमेव तैयार हो जाएगा। मैंने बीजों का संचारण व रोपण करने के लिए सारे जतन किए। बीजों को पाॅकिट में रखकर चलता था। रात-दिन एक करके ही लक्ष्य प्राप्त किया, मन को सुकून मिला। मै इस मंच के माध्यम से भारत सरकार से अनुरोध करता हूँ कि पूरे देश के स्कूलों में एक विषय “समाज उपयोगी एवं उत्पादक कार्य” अनिवार्य रूप से होना चाहिए। इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत बागवानी, पौधारोपण तथा उसका देखरेख की जानकारी दी जाए। इससे बाल्यावस्था में ही लोगों का प्रकृति के प्रति रूझान और लगाव बना रहेगा। जब मैं स्कूल स्तर पर था उस समय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-4 बाल्को नगर कोरबा में नवमीं कक्षा मे ंहम लोगों का एक कालखण्ड था “समाज उपयोगी एवं उत्पादक कार्य।” तब से अब तक मेरे मन मस्तिष्क में प्रकृति के प्रति लगाव है। जब तक मेरा शरीर साथ देगा, तब तक पीपल-बरगद के पौधों का रोपण और बीजों का रोपण व संचरण करूँगा। इसके साथ ही अगले वर्ष तुलसी के पौधों का वितरण करने का लक्ष्य रखा हूँ। सरकार के द्वारा इस वर्ष 2025 में “एक पेड़ अपनी माँ के नाम” पर पौधा रोप कर प्रकृति का श्रृंगार करने का बीड़ा उठाया गया है, वह तारीफ-ए-काबील है। जहाँ भी खाली जगह हो एक पौधा जरूर लगाएँ।
रज्जू कोशले मो. नंबर 9826179379 FB rajju koshle प्रदेश अध्यक्ष छ.ग. राष्ट्रीय हिन्दू स्वयं सेवक संघ
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