Wed, 13 May 2026
Logo

ब्रेकिंग

पीएम मोदी की अपील के बाद एक्शन में छत्तीसगढ़ सरकार, CM साय बोले- कारकेड घटाएंगे, EV को देंगे बढ़ावा

भोपाल में मुस्लिम युवक की पिटाई के बाद उबले समाज के लोग, आधी रात को ताजुल मस्जिद के पास प्रदर्शन, धारा-144 लागू

होर्मुज संकट के बीच एक्शन में एस. जयशंकर, नई दिल्ली में ईरान के विदेश मंत्री अराघची से इन मुद्दों पर बात

सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं से मजबूत हुआ रोजगार का आधार : मुख्यमंत्री साय….

साइकिल से दफ्तर पहुंचे एसपी और एएसपी

बीजापुर में तेंदूपत्ता संग्रहण का आगाज

कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत खपरी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट की दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत

गेंदा की खेती से बढ़ी आय और बनी नई पहचान

'माफी से काम नहीं चलेगा', ब्राह्मणों पर बयान देकर फंसे राजकुमार भाटी, अजय राय की मांग- एक्शन लें अखिलेश यादव

कुछ लोग कारोबार में नुकसान से दुखी हो जाते हैं, प्रतीक की मौत पर अखिलेश ने किया ये क्या इशारा?

सूचना

: छत्तीसगढ़ में तोता पालने वालों को हो सकती है जेल:DFO ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम, कहा- चिड़ियाघर में कराएं जमा; टोल-फ्री नंबर जारी

Admin / Sat, Aug 24, 2024 / Post views : 213

Share:
ABN EXPRESS NEWS 24x7 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर वन विभाग ने तोता और अन्य पक्षियों की बिक्री करने, उसे पिंजरे में कैदकर पालने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। बिलासपुर DFO ने पक्षी पालने वालों को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा नहीं करने पर जेल भी जाना पड़ सकता है। सभी पक्षियों को पिंजरे से निकालकर कानन पेंडारी जू प्रबंधन को सौंपने कहा है। इसके लिए टोल फ्री (18002337000) नंबर भी जारी किया गया है। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जाएगा। आदेश के बाद तोता सहित पक्षी पालने वालों में हड़कंप मच गया है। दरअसल, विभाग की निष्क्रियता और ध्यान नहीं देने के कारण धड़ल्ले से खरीदी- बिक्री हो रही है। प्रतिबंधित पक्षियों को लोग पाल भी रहे हैं। इस पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने नाराजगी जाहिर की है। राज्य पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ ने वन विभाग ने निर्देश पर प्रदेश भर में तोता सहित वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की अधिसूची में दर्ज सभी पक्षियों को वन विभाग को सौंपने का आदेश जारी किया है।
तोता सहित अन्य पक्षी पालना है अपराध
वन विभाग के अफसरों के अनुसार तोता या अन्य पक्षी, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 यथासंशोधित मई-2022 की अनुसूची में शामिल है, उनकी खरीदी, बिक्री और पालन करना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। इसे अपराध की श्रेणी में रखा गया है। वन विभाग से आदेश जारी होने के बाद अब तय समय के भीतर तोता सहित पक्षियों को कानन पेंडारी जू में जमा करना होगा। तय समय सीमा पूरी होने के बाद वन विभाग की टीम लोगों के घरों में जाएगी और पक्षी पालने की शिकायत मिलने पर छापेमारी कर कार्रवाई करेगी।
आदेश के बाद भी पक्षियों को पिंजरे में कैद रखने पर उनके खिलाफ केस दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आदेश जारी होने के बाद यहां अब सख्ती बरतने की तैयारी है। वनकर्मियों, अधिकारी से लेकर उड़नदस्ता को जांच के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि पक्षियों को पास के शासकीय चिड़ियाघर को सौंपे जाएंगे। अगर कोई पक्षी स्वस्थ है तो उसे तत्काल प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में छोड़ना है। चिड़ियाघर में केवल उन्हीं पक्षियों को क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जाएगा, जो अस्वस्थ हैं। वन्य प्राणी डॉक्टर्स उनका इलाज करेंगे। जब वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे, इन्हें जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

जुर्माने के साथ जेल भी- SDO

मामले में बिलासपुर वन विभाग SDO अभिनव कुमार ने बताया कि अभी अल्टीमेटम दिया गया है। अगर 7 दिन के अंदर कानन पेंडारी में जमा नहीं कराए, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जेल के साथ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। तोते को पिंजरे में कैद करने से जैव विविधता पर बुरा असर पड़ रहा है। साथ ही शिकार और तस्करी रोकने फैसला लिया गया है।

टोल फ्री नंबर भी हुआ जारी

पक्षियों की बिक्री, खरीदी और पालन पर रोक लगाने के लिए वन मुख्यालय स्तर पर एक टोल फ्री नंबर (18002337000) भी जारी हुआ है। इसके अलावा वन मंडल स्तर पर पर अधिकारी का नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर जारी करने के निर्देश दिए हैं। इससे कहीं भी खरीदी-बिक्री करते नजर आए तो लोग इसकी सूचना दे सकें। सूचना मिलने के बाद विभागीय अमला तत्काल मौके पर पहुंचेगा

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts